घर्म संस्कृति व समाज विरोधी कार्य कर भारतीय ट्राईबल पार्टी(बिटीपी) द्वारा अराजकता फैलाई जा रही है एसा आरोप लगाया आदिवासी समाज ने

 



धर्म संस्कृति व समाज विरोधी कार्य कर भारतीय ट्राईबल पार्टी(बिटीपी) द्वारा अराजकता फैलाई जा रही है

समस्त जनजाति व सन्त समाज ने दिया मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

डूँगरपुर। भारतीय ट्राईबल पार्टी (बिटीपी) द्वारा अराजकता फैला कर  समाज विघटन फैला क्षेत्र में अशांति फैलाई जा रही है जिसको लेकर जनजाति व सन्त समाज द्वारा राज्यपाल के नाम ज्ञापन सागवाडा उपखण्ड अधिकारी को प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन में बताया कि 12 अगस्त 2020 को नंदिनी माता मंदिर बड़ोदिया(बांसवाड़ा) में 100 से अधिक समर्थकों ने जय जोहार व लाल सलाम के नारे लगा मंदिर की धर्म पताका हटाकर पुजारी व श्रद्धालुओ को डराया-धमकाया।
इसी प्रकार 26 अगस्त को बागीदौरा (बांसवाड़ा) के हनुमानजी मन्दिरमे पताका हटाकर अराजकता फैलाने वाले नारे लगाए।
30 अगस्त को सोनार माताजी मंदिर में बिटीपी द्वारा धर्म ध्वजा हटाकर उड़के स्थान पर बिटीपी का झंडा लगाया।
ज्ञापन में बताया कि बिटीपी द्वारा इस प्रकार क्षेत्र में अराजकता फैलाई जा रही है जिससे समाजिक सौहार्द बिगड़ रहा  है तथा अशांत वातारवण निर्मित हो रहा है।
ज्ञापन में बताया कि किसी भी राजनीतिक दल द्वारा धर्म व जाति को आधार बनाकर ऐसी अराजकता फैलाना समाज व संविधान विरोधी है।
ज्ञापन में बताया कि बिटीपी द्वारा जय जोहार व जोहार सलाम के अभिवादन का प्रयोग करने हेतु समाज पर दबाव ही नही डरा धमका कर जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है जिससे जनजाति समाज  मे भय व दबाव का वातावरण बन हुआ है।
ज्ञापन में जनजाति समाज के सन्त, मेट कोतवाल धर्म प्रेमी जन मिलकर यह आग्रह किया कि इस प्रकार की घटानाओं में लिप्त लोगो के विरुद्ध कार्यवाही कर संगठन व व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएं।




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