राजस्थान: 2 नाबालिग बहनों को 4 युवकों ने बनाया अपनी हवस का शिकार, अपहरण, गैंगरेप के बाद पहाड़ियों पर फेंका

 


राजस्थान से आए दिन रेप की घटनाएँ सामने आ रही हैं। ताजा मामला जालोर के भीनमाल थाना क्षेत्र का है। यहाँ दो नाबालिग बहनों का अपहरण करके 4 युवकों (कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक 6 युवक) ने उनके साथ गैंगरेप किया। बाद में पहाड़ की झाड़ियों में घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। फिर ऑटोरिक्शा से लड़कियों को अस्पताल पहुँचाया गया।

मिडिया रिपोर्ट के अनुसार भीनमाल क्षेत्र के एक गाँव से इन दोनों चचेरी बहनों का अपहरण शनिवार रात (अक्टूबर 17, 2020) उस समय हुआ जब वह अपने घर सो रही थी। चार युवकों ने इनका पहले अपहरण किया फिर बच्चियों को एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म किया।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित इन दोनो बच्चियों को राजपुरा की पहाड़ियों पर फेंककर फरार हो गए। वहीं परिजन पूरी रात बच्चियों की खोजबीन करते रहे। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियाँ पहाड़ियों पर मिलीं। इन्हें इलाज हेतु अस्पताल ले जाया गया। वहाँ एक पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है।

जी न्युज कि रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरी वारदात के मद्देनजर लड़कियों के परिजनों ने 4 युवकों (चेतनराम, अशोक, तेजाराम, पीराराम) को नामजद किया है। उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। फिलहाल, उनका कोई सुराग नहीं है।

बता दें कि राजस्थान पुलिस को इस संबंध में सूचना कल सुबह-सुबह ही मिल गई थी, लेकिन पुलिस पहले तो लड़कियों को तलाशने की बात कहकर इधर-उधर करती रही। फिर करीब 11 बजे जाकर लड़कियाँ राजपुरा की पहाड़ियों पर खून से लथपथ हालत में मिली। इनमें एक बच्ची की हालत बेहद गंभीर थी कि वह अपने पैरों पर भी नहीं उठ पा रही थी।

चुरू विधायक राजेंद्र राठौर ने इस घटना के मद्देनजर लिखा, “जालोर के भीनमाल में दो नाबालिग लड़कियों को अगवा कर आधा दर्जन युवकों द्वारा गैंगरेप की घटना को अंजाम देना मानवता को शर्मसार करने वाला है। ऐसे कृत्य स्वयं ही प्रदेश में सरकार द्वारा राज्य में महिलाओं और बच्चियों के लिए किए जा रहे सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान है।”



पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे लिखती हैं, “राजस्थान में हर रोज़ हो रहे दुष्कर्म की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। भीनमाल (जालोर) में दो नाबालिग बच्चियों के साथ किए गए गैंगरैप ने यह साबित कर दिया है कि राजस्थान में ना कोई कानून – व्यवस्था दिखाई देती और ना ही कोई सरकार।”
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा पर सख्ती की पोल खोलती एनसीआरबी की रिपोर्ट सामने आई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि राजस्थान में महिलाएँ सबसे ज्यादा बलात्कार का शिकार हुई है ।
इसमें दिए आँकड़ों के अनुसार वहाँ पिछले साल 5997 मामले दर्ज किए गए थे। यानी प्रतिदिन का औसत देखा जाए तो प्रदेश में हर दिन 16 रेप की घटना हुईं। सूची, रेप पीड़िताओं की संख्या भी प्रदेश में 6051 बताती है। इतना ही नहीं प्रदेश में प्रति लाख जनसंख्या पर अपराध की दर 15.9 है।


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