प्राणघातक कोरोना को हराकर प्राण रक्षक बना जील मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल सागवाड़ा

  वैश्विक कोरोना संक्रमण महामारी में सागवाड़ा जिला डूंगरपुर का एकमात्र सेवा परोपकार के उद्देश्य से खोला गया जील मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल वागड़ ही नहीं उदयपुर संभाग के लिए  वरदान साबित होकर प्राण रक्षक साबित हुआ है । ओरों के हित जो जीता है, ओरो के हित जो मरता है उसका हर आंसू रामायण प्रत्येक कर्म ही गीता है को चरितार्थ करता जिला हॉस्पिटल ने वैश्विक महामारी के इस विकट समय में कई पीड़ित लोगो के प्राण बचाने में कामयाबी हासिल की।

 श्री गुजराती पाटीदार समाज ग्राम सामलिया के देवेंग दादा के फेफड़ों में जबरदस्त संक्रमण था, आपके सकुशल विदाई पर सुखी स्वस्थ दीर्घायु जीवन की मंगल कामना करते हैं। दादा की जुबानी से उन्हें कोरोना संक्रमण हुआ था कई अन्य जगह इलाज कराने के बाद जील मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया बुढ़ापे में भी कोरोना को अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों नर्सिंग स्टाफ सेवा कर्मियों एवं प्रबंधन वर्ग से जुड़े सभी ने पीड़ित मानवता की सेवा ही परम धर्म मानते हुए उनका इलाज एवं सेवा की ।आज उन्हें कोरोना से मुक्त कर अपने घर के लिए विदाई दी। देवेंग दादा का कहना है कि जिल हॉस्पिटल वागड ही नहीं पूरे संभाग के लिए सर्व सुलभ हुआ है।

इस अस्पताल में कार्यरत सभी डॉक्टर नर्सिंग स्टाफ सेवा कर्मी एवं खास तौर पर बड़े उद्योगपति जिन्होंने सेवा के उद्देश्य से अस्पताल को खोला है। आपके द्वारा मरीजों को व्यक्तिगत जाकर के हाल-चाल पूछना एवं डॉक्टरों को साथ रखकर  उत्साहवर्धन करना जिससे रोगी का आत्म बल एवं मनोबल बढ़ाने में मदद मिली। वागड़ में आपातकालीन चिकित्सा हेतु दूरस्थ क्षेत्रों में जाने से कई बार मरीज के परिजनों को रास्ते में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, आज वागड़ के लोगो के लिए संजीवनी साबित होता जिल हॉस्पिटल निश्चित ही प्राणरक्षक बन पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पित है। जिल हॉस्पिटल के उत्तरोत्तर प्रगति की मंगलकामनाओ के साथ......

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