अहमदाबाद कि स्थिती नियंत्रण से बाहर होती हुई - कोरोना संकट


 गुजरात मे कोरोना की दूसरी लहर की शुरूआत हो चुकी है, और अहमदाबाद शहर इसकी चपेट में आ चुका है, जिसकी चर्चा देश मे आम होती चली जा रही है । और कोरोना के बढ़ते आंकडे भी यही बता रहें है। शहर के लगभग सभी कोविड अस्पतालों के बेड फुल होने की भी सुचना प्राप्त हो रही है। कोरोना की अधिकारीक जानकारी के अनुसार अनुमान लगाया जा रहा है की रोजना लगभग तीन सौ से चार सौ के आसपास संक्रमित के मामले सामने आने के साथ एक दर्जन से अधिक मरीजों की मौत का आंकड़ा भी चरम पर है। लेकिन कई न्यूज ऐजेन्सीयों एवं जानकारों के अनुसार आंकडे कुछ अलग दिखाई पड़ रहें हैं।


चार से पाॅंच घंटे की वेटिंग शव  वाहनों की ---

जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से शमशानो का भी जायजा लिया गया और अन्य लोंगो से भी जानकारी प्राप्त की गई तो पता चला है कि शमशान इन दिनों चोबीस घंटे चालू है और शव ज्यादा होने के कारण रात को भी अंतिम संस्कार किए जा रहें है। ज्ञात रहे कि हिन्दू धर्म के अनुसार सूर्य अस्त होने के पश्चात् अंतिम संस्कार किया जाना शुभ नहीं होता है। इतना ही नहीं शवों को अंतिम संस्कार के लिए शमशान तक लाने के लिए भी शव-वाहनों की चार से पाॅंच घंटे की वेटिंग करनी पड़ रही है ।


अनुमानित दो दर्जन से ज्यादा शवों को हो रहा है अंतिम संस्कार

एक समाचार पत्र ने 25 नवंबर को अहमदाबाद के वाडज शमशान की पड़ताल की पुष्टि करते हुए बताया कि रोजाना दो दर्जन से भी ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। शाम चार बजे के लगभग समय की पुष्टि करते हुए बताया गया कि दो घंटो में एक के बाद एक करते हुए तकरीबन तीन शवोें का अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन शमशान के कर्मचारीयों से बातचीत की गई तो पता चला कि शवों को जलाने के लिए वेटिंग चल रही है। शमशान की दोनो सीएनजी भट्टीया लगातार चालू है और यहां दिन भर में 25 से 30 शव आ रहे है।

हो सके जहा तक विवाह संबधित कार्यक्रम सिमित रखे । और भीड इकट्ठा नही होने दे । सरकार आपको कुछ नही बोल रही है इसका मतलब यह नही कि हम गैर जिम्मेदार हो जाए । आज रिस्तेदार नाराज होंगे लेकिन कल जरुर मिलेंगे और अगर कोरोना नियंत्रण के बाहर हो गया तो फिर आप तस्विरे देख रहे है वो हकिकत मे बदलते देर नही करेगी ।





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