मनमर्जी के मालिक है जिवन धारा वाटर सप्लायर, मर्जी हो तो पानी देते है, लोग इंतजार करते है


 डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत जीवनधारा वाटर सप्लायर अपनी मनमर्जी के मालिक हैं । पीने के शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए सरकार द्वारा जीवनधारा योजना अंतर्गत सागवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में भी जीवनधारा वाटर सप्लायर  ठेकाप्रथा द्वारा चलाई जा रही है । इस योजना अंतर्गत शहर में दो तरह से पानी की सप्लाई की जाती है महिपाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर और रोडवेज बस स्टैंड के पास और इसी तरह शहर के अन्य स्थलों पर स्थाई रूप से पानी की पॉइंट लगा रखे हैं जहां पर लोग ₹5 में 10 लीटर पीने का शुद्ध पानी प्राप्त कर सकते हैं । इसके अलावा दो गाड़ियों द्वारा नगर पालिका क्षेत्र में पीने के पानी की सप्लाई की जाती है लेकिन जीवनधारा वाटर सप्लायर के ठेकेदार की मनमानी के चलते इनकी मर्जी हो तभी नगर पालिका क्षेत्र में पानी की सप्लाई के लिए गाड़ियां चलती है ।

अन्यथा 4-4,5-5 दिनों तक पीने के पानी की सप्लाई के लिए लोगों को तरसना पड़ता है । लोग इंतजार करते हैं और इसकी वजह से निजी वाटर सप्लायर मनमानी तरीके से पैसे वसूलते हैं । प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 दिसंबर 2020 को नगर पालिका क्षेत्र के इंदिरा कॉलोनी में पानी की सप्लाई के लिए गाड़ी आई थी इसके बाद आज दिन तक इस गाड़ी को इस क्षेत्र में नहीं देखा गया जबकि गोवाडी क्षेत्र में यह गाड़ी 25 दिसंबर को पानी सप्लाई करती देखी गई गोवाडी तक जहां गाड़ी पानी सप्लाई करने पहुंच जाती है तो नगरपालिका क्षेत्र में पानी सप्लाई करने क्यों नहीं आती है कहीं ना कहीं जीवनधारा वाटर सप्लायर की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रही है ।

दूसरी तरफ देखा जाए तो इस गाड़ी के पीछे लगे हुए वाटर टैंक के ऊपर कितने लीटर पानी दिया जाता है यह भी अंकित नहीं है लोग जब ₹5 का सिक्का डालकर पानी लेते हैं तो वहां पर स्क्रीन भी फूटी हुई है ।

उसमें स्पष्ट रूप से यह नहीं दिखाई देता कि उन्हें कितना पानी प्राप्त हो रहा है इस संबंध में कई बार वागड़ लाइव न्यूज़ चैनल द्वारा अवगत कराया जा चुका है लेकिन स्थिति वही की वही बनी हुई है । ऐसे में समस्या आम नागरिकों को ही हो रही है । इस संबंध में प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है ।



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