कल केसा होगा किसको खबर? पर एक आज सुन लिजिए बेबाक खबर...



 वागड़ की जनता से एक विनम्र अपील 

सरकार चाहे लॉकडाउन लगाएं या ना लगाएं आप 15 दिन के लिए अपने आपको होम  कोरनटाइन कर लीजिए क्योंकि अब स्थितियां सर के ऊपर पानी गुजरने जेसी हो चुकी हैं । अब स्थितियां अपने हाथ में नहीं रही हैं अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे हैं ऑक्सीजन की कमी हो गई है वेंटिलेटर चलाने वाले नहीं है । अस्पताल में डॉक्टर खुद पॉजिटिव हो चुके हैं लैब में जांच करने वाले खुद पॉजिटिव हो चुके हैं आपकी कोरोना की जांच करने वाले खुद पॉजिटिव हो चुके हैं । अब नहीं संभले तो बचाने वाला कोई नहीं बचा है । फिर भी लगता है कि हमें व्यापार करना चाहिए तो हम कोरोना के अलावा किसी भी तरह का व्यापार नहीं कर रहे हैं यह समझ ले क्योंकि अब बाजार में दुकान खोल कर बैठना मतलब सीधे-सीधे कोरोना को निमंत्रण देना है । अब जिसको खाना है अपने आप खाने की व्यवस्था कर लेगा किसी की भी चिंता ना करें भगवान ने चोच दी है तो चुग्गा भी डाल देगा यह चिंता आप नहीं करें कि हम व्यापार करेंगे किराना दुकान खोल कर बैठेंगे तभी सामान बिकेगा और लोग खाना खाएंगे ऐसा नहीं है । जिसको व्यवस्था करनी है वह अपने आप करेगा दुकानदारों को फोन करके कांटेक्ट करके और सामान खरीद लेगा इसके अलावा भी होम डिलीवरी की व्यवस्था भी है


क्यों हम नहीं समझ रहे हैं क्यों हम बाजारों में मूर्खों की तरफ भटक रहे हैं क्यों अपने आप को बीमार करने की कोशिश में लगे हुए हैं क्यों अपनी जान के दुश्मन हम बने हुए हैं । शादियों का सीजन आ रहा है मेरा उन सभी महानुभावों से निर्णय निवेदन है कि जो इस कोरोना महामारी के दौरान बहुत ही बड़ी आफत मोल ना चाह रहे हैं आप सीमित दायरे में शादी का यह कार्यक्रम निपटा लें आप अपने बेटे या बेटी की शादी करवा रहे हैं तो निश्चित तौर पर कहीं ना कहीं कोरोना आपके आसपास मंडरा रहा है । जो बहुत ही बढ़ि आफत सकता हैै।  पुलिस प्रशासन और अस्पताल प्रशासन अगर यह दोनों ही कोरोना से संक्रमित हो गए तो आप सोच भी नहीं पाएंगे कि हमारे मुल्क की स्थिति क्या होने वाली है । क्योंकि अभी भी आप नहीं संभले तो शायद कोई नहीं बचा पाएगा । अस्पतालों में हालत खराब है यह आपको डराने के लिए मैसेज नहीं है कटु सत्य है इसको स्वीकार कर लीजिए और अपने पैर बांधकर पलंग पर पड़े रहिए अगर जिंदगी बचानी है तो घर के अंदर ही रहिए घर से बाहर निकले तो अब मास्क सैनिटाइजर भी काम नहीं आने वाले हैं क्योंकि हमारी आदतें खराब पड़ चुकी है बाजार में जाने के बाद हम नाक के नीचे मास्क को  लटकाकर फैशन शो में घूम रहे हैं वैसे घूमते नजर आ रहे हैं तो अब निवेदन यही रहेगा कि अपने आप को लॉकडाउन कर लीजिए और घर के अंदर बैठे रहिए।
प्रशासन हर बार व्यापार मंडल की बात को सुनकर हर बार की तरह इस बार भी व्यापारी की दुकान को खोलने का आदेश दे रहा है आखिर क्यों जनता के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है क्यों प्रशासन बेबस हो रहा है क्या लोगों की जान से ज्यादा व्यापार है?
प्रशासन जनता की राय ले वह समय अब नहीं रहा अब सीधे-सीधे सख्त लॉकडाउन की जरूरत है अगर इंसान की जिंदगी बचाई रखनी है तो अन्यथा खोले रखिए बाजार और होने दीजिए तांडव।


राजस्थान पत्रिका सागवाड़ा अमरिस त्यागी की कलम से

सागवाड़ा का बाजार खोलना जरूरी है या लोगों की जान बचाना।


बाजार खोलने का फैसला व्यापारी करेंगे या जनता।


लोगों की जान से खेलने का खेल अब बंद होना चाहिए।


उपखंड प्रशासन एवं पुलिस विभाग मिलकर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जनता के हित मे निर्णय लेना चाहिए।


किराणा एवं सब्जी की दुकानें भी बंद होनी चाहिए। जिसको समान चाहिए फ़ोन पर व्यापारी से संपर्क कर सकते हैं।


जनता को खुद के हित में आवाज उठानी चाहिए।



सागवाड़ा के सभी नागरिकों एवं व्यापारियों को सूचित किया जाता है कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 19 अप्रैल 2021 प्रातः 5:00 बजे से 3 मई 2021 प्रातः 5:00 बजे तक जन अनुशासन पखवाड़ा मनाया जा रहा है जिसके तहत समस्त व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं कार्यालयों को बंद रखने हेतु निर्देशित किया गया है केवल किराना फल सब्जी दूध आदि की दुकानों को खुले रखने का  आदेश है किंतु यह देखा जा रहा है कि सागवाड़ा में समस्त व्यापारियों के द्वारा अपनी-अपनी दुकानें खोली जा रही हैं। आप सभी को जानकारी है कि सागवाड़ा में विगत दिनों में कोविड-19 के प्रसार की स्थिति काफी भयावह हो चुकी है संपूर्ण उपखंड क्षेत्र में पॉजिटिव कैसेज प्राप्त हो रहे हैं एवं सागवाड़ा के निजी अस्पतालों सहित सरकारी अस्पतालों में सभी बेड मरीजों से पूरी तरह भरे हुए हैं। 


ऑक्सीजन की उपलब्धता भी एक बहुत ही गंभीर विषय है। 



ऐसी स्थिति में, सागवाड़ा के बाजार में संपूर्ण क्षेत्र से जनता की भीड़ का आना संक्रमण को बढ़ावा देता है।

 अतः आप सभी को यह निर्देशित किया जाता है कि कल दिनांक 23/04/ 2021 शुक्रवार प्रातः से राज्य सरकार के निर्देशानुसार केवल अनुमत श्रेणी में आने वाली किराना, दूध, फल-सब्जी आदि की दुकानें  खुली रहेंगी व उनके द्वारा भी होम डिलीवरी को तरजीह दी जायेगी। 


किराणा एसोसिएशन के निर्णय अनुसार किराणा की दुकानें तय समय तक खुलें व इसके अतिरिक्त अन्य सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान जो अनुमत श्रेणी के अंदर नहीं है, उन्हें बंद रखा जाये।

 खुला रखने की स्थिति में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा उन्हें बंद करवाया जाएगा एवं पालना नहीं करने पर दंड के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकेगी ।


उपखण्ड अधिकारी, सागवाडा

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