नगरपालिका कि अनदेखी और गौमाता करती है रात्रीकालिन धरना


कोन करेगा गौमाता कि हीफाजत, नाम तो सब कमाते है।

सागवाडा, डूँगरपुर जिले के सागवाडा कस्बे मे लोकडाउन के दोरान गौभक्तो ने जमकर गौमाता का खयाल रखा । एक भी गाय को भुखा नही सोने दिया । सागवाडा शहर मे करीब 100 से 200 गाय एसी है जिनका कोई मालिक नही है, और अगर है तो वो इतने खुदगर्ज है कि अगर गाय दुध देती है तब ही उसका पालन पोषण करते है अन्यथा उन्हे खुला छोड दिया जाता है एसे मे ये गाय सडको पर घुमती नजर  आती है । और रात को बिच सडक पर जुंड के रुप मे विश्राम करती है । जिसकि वजह से रात मे सडक पर अगर अंधेरा है तो वाहन चालक इन गायो को कई बार दुर्घटना ग्रसित कर देते है ।
मांडवी चौक से गोल चोराहा मसानिया तालाब से अस्पताल पुनर्वास कॉलोनी से नर्सरी मोड और पुराना बस स्टेंड पर इन गायो को अक्सर लावारिस हालत मे बिच सडक पर बैठे देखा जाता है । लेकिन इस तरफ न तो नगरपालिका ध्यान दे रही है न ही कोई गौभक्त एसे मे रात मे बहुत बडी दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है ।

इधर दिन मे भी नगरपालिका कि अनदेखी कि वजह से आए दिन आवारा पशुओ का सागवाडा शहर मे आतंक मचा रहता है यहा पर न तो गौशाला है और न ही एसी कोई व्यवस्था जिससे इन आवारा पशुओ को संभाला जा सके ।
ऐसे में कई बार सड़क पर गौ माता के साथ हादसे भी हुए हैं लेकिन अभी तक ना तो प्रशासन ने ध्यान दिया और ना ही किसी स्वयंसेवी संस्था ने ध्यान दिया है
नगरपालिका द्वारा एक गौशाला का निर्माण कर इन गायो को व आवारा पशुओ को संभाला जाए तो नगरपालिका को आमदनी के साथ आवारा पशुओ से निजात भी मिल सकती है ।


Post a Comment

0 Comments