साई मंदिर को लेकर विवाद सागवाडा

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डूंगरपुर जिले के सागवाडा उपखंड अंतर्गत अखिल भारतीय संत समिति के बैनर तले निरंजन अखाड़ा खिरेश्वर महादेव अंबाडा के तत्वाधान में गमलेश्वर महादेव मंदिर परिसर सागवाडा में रखी गई साईं की मूर्ति को हटाने के क्रम में उपखंड अधिकारी राजीव त्रिवेदी सागवाडा को अखिल भारतीय संत समिति के जिला अध्यक्ष महंत रोहितपुरी के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया ।

ज्ञापन में बताया गया है कि गमलेश्वर महादेव मंदिर सागवाडा अति प्राचीन शिव मंदिर है, जिसकी देखरेख राज्य सरकार द्वारा रजिस्टर्ड  देवस्थान विभाग एवं जिर्णोद्धार समिति सागवाडा द्वारा की जा रही है ।  जिला अध्यक्ष महंत रोहितपुरी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ साईं भक्त शिवालय परिसर में समिति के विरोध करने के बाद भी जबरन साईं की मूर्ति लाकर पुजना चाह रहे है, जिसकी प्रतिष्ठा नहीं हुई है ।

इस पर समिति ने 7 जनवरी 2020 को थाना अधिकारी सागवाडा को सूचित करते हुए लिखित में निवेदन किया था जिस पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जिस पर समिति द्वारा उक्त मंदिर पर ताला लगा दिया गया था पुलिस विभाग द्वारा उक्त संबंध में साईं भक्तों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करने के कारण लॉक डाउन का फायदा उठाते हुए साईं भक्तो ने पूजा-अर्चना प्रारंभ कर दी है ।

साईं की प्रतिमा शिवालय परिसर में स्थापित करना सनातन परंपरा के तथा धर्म शास्त्रों के विरुद्ध तथा पूर्ण रुप से निशिद्ध एवं धर्म विरोधी है जिसको लेकर नगर के समस्त सनातन धर्मावलंबियों में आक्रोश व्याप्त है उपखंड अधिकारी राजीव त्रिवेदी को सौपे गए ज्ञापन में उन्होंने बताया कि 5 दिन की अवधि में जिला प्रशासन एवं जिर्णोद्धार समिति की स्वीकृति के बिना अवैध रूप से रखी गई साईं की मूर्ति को शिवालय परिसर से हटाकर सरकार जप्त करें अन्यथा संतों महात्माओं को मजबूरन उक्त मूर्ति को हटाना पडेगा । जिसमें होने वाली किसी भी अप्रिय घटना का जिम्मेदार प्रशासन रहेगा उन्होंने बताया कि अगर प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो वह अपने तरीके से कार्रवाई करेंगे जिसमें उन्होंने बताया कि शास्त्रों का हवाला देते हुए दोनों पक्ष आपस में बैठकर बात करेंगे और समस्या का समाधान करने की कोशिश करेंगे । इस संबंध में अखिल भारतीय निरंजन अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।

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