नहीं सुधर रहा बिजली विभाग, बिना कनेक्शन के थमाया 1671 रुपए का बिल

 



राजस्थान के उदयपुर के गिंगला गांव के एक किसान को 3.71 करोड़ का बिल थमाने को लेकर अपनी फज़ीहत करवा चुके विद्युत विभाग के कर्मचारियों की लापरवाई कम होने का नाम नहीं ले रही है. विभाग ने अब एक ऐसे आदिवासी परिवार को इलेक्ट्रिक का बिल थमा दिया जिसके घर पर लाइट का कनेक्शन ही नहीं है. विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की यह नई कारस्तानी एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है ।



र किसी को हैरान कर देने वाला छह मामला उदयपुर जिले बारां ग्राम पंचायत का है, जहां विद्युत विभाग ने फूलाराम पुत्र नाथू लाल मीणा को 1671 रुपये का बिल थमा दिया है, खास बात यह कि ना ही फूलाराम के नाम से कोई बिजली का कनेक्शन है और ना ही उसके केलुपोश मकान में कोई लाइट का कनेक्शन है । बावजूद इसके फूलाराम के घर बिजली का बिल आ गया है. जो अब गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है. तो वहीं अब तक केलुपोश मकान में दिए कि रोशनी में जीवन यापन कर रहे फूलाराम को यह बिल 440 वॉल्ट से भी ज्यादा का झटका दे रहा है ।

बडा सवाल कैसे जनरेट हुआ बिल

इस पूरे मामले ने उदयपुर के विद्युत विभाग के कर्मचारियों की लापरवाई को उजागर कर दिया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि आखिर फूलाराम के नाम से बिल जनरेट कैसे हुआ. बिना मीटर की रिडिंग लिए कैसे विद्युत खर्च को दर्शा लिया गया. ऐसे कुछ और भी सवाल है जिसका जवाब विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है.

भाजपा ने फिर साधा निशाना 
विद्युतविभाग के कर्मचारियों की इस लापरवाई ने भाजपा को एक बार फिर बैठे बिठाए सरकार पर निशाना साधने के मौका दे दिया है. भाजपा जावर माता मंडल अध्यक्ष हरीश मीणा ने कहा कि बिजली विभाग का कोई धणी-धोरी नहीं है. बिना बिजली कनेक्शन के ही बिल आ रहे हैं. ऐसे में सरकार को गरीब आदिवासियों की कोई फिक्र नहीं है.

 

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