कुछ खट्टी कुछ मीठी पर यही है सच्ची सागवाड़ा की तस्वीर

 

नगरपालिका सागवाड़ा अंतर्गत शहर वासी अगर सहयोग करें तो नगर स्वच्छ और साफ सुथरा बनने में ज्यादा समय नहीं लगेगा । लेकिन अभी भी कुछ लोग साफ सफाई का ध्यान नहीं दे रहे हैं । विशेषकर बरसात के मौसम में देखा जाए तो गंदगी ज्यादा होती है । गामोठवाडा रोड पर सब्जी मंडी के आस पास देखा जाए तो बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा गंदगी होती है । और सबसे गंदा भाग लगता है तो बरसात में प्राईवेट बस स्टैंड से लगाकर गामठवाडा की सब्जी मंडी का भाग । इस जगह पर नगर पालिका ने कचरा पात्र भी लगाया था उसे भी उठा कर कोई ले गया । अब रजत गोवाडिया ज्वेलर्स के सामने जहां टेंपो स्टेंड बना हुआ है आए दिन मख्खीया भीनभीनाती रहती है ।

सब्जी मंडी में सब्जी बेचने वाले व्यापारि अपनी सब्जी बेचने के बाद बची हुई सब्जियां घर ले जाते हैं और दुसरे दिन दुबारा वही बेचने आते हैं । इस दौरान सब्जी का बचा कचरा वही फेंक कर जाते हैं जो दुसरे दिन गंदगी में तब्दील हो जाता है । जब अपनी बची हुई सब्जियां घर ले जाते हैं तो कचरा क्यों वही फेंक कर जाते हैं? जबकि दुसरे दिन उन्हें उसी जगह पर दुबारा खड़ा होना होता है । लेकिन फिर भी कचरा नहीं हटाते जिसकी वजह से गंदगी फेलती है । अगर इस विषय में आसपास के नागरिक जागरुक हो कर उन्हें टोंक दे तो यह उनकी जिम्मेदारी के साथ साथ स्वच्छता में भी एक अच्छा प्रयास होगा । 

आपको बता दें कि सागवाड़ा शहर के दुकान दार लगभग अपना कचरा समेट लेते हैं लेकिन फिर भी कुछ दुकानदारों ने अभी भी अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझा है । और कचरा दुकान के बाहर पसरा रहता है । इस विषय में जब उन्हें कहा जाता है तो बताते हैं कि नगरपालिका ने उन्हें कचरे की बाल्टी उपलब्ध नहीं करवाई है ‌। अगर हम लाखों रुपए का कारोबार करते हैं तो क्या 70-80 रुपए की बाल्टी नहीं खरीद सकते?


और एक सबसे बड़ी और घातक समस्या यह है कि की बार हम नगरपालिका की कचरा गाडी में पोलिथीन की थेली में डाल कर कचरा फेंकते हैं जिसमें रोटीयां और सब्जियां, फल के टुकड़े या एसी ही खाद्य सामग्री होती है जिसे नगरपालिका की गाड़ी में डाला जाता है और नगरपालिका की गाड़ी उसे कचरा निस्तारण केंद्र में डाल आती है । जहां पर उस खाद्य सामग्री को खाने के लिए गौमाता कचरा निस्तारण केंद्र के अंदर जाकर खाद्य सामग्री को खाने का प्रयास करती है और अनजाने में पोलीथीन सहीत खाद्य सामग्री को खालेती है और इसकी वजह से गौमाता मोत का शिकार होती है । अब जाने अनजाने में हमारे द्वारा गौमाता की मौत का पाप किसको लगेगा ?  


इसी तरह से हम कई बार पोलीथीन को सड़क पर फेंक देते है । जिसमें खाद्य सामग्री होती है । और उसे गौमाता ग्रहण कर लेती है ।

यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम सागवाड़ा शहर को सुंदर स्वच्छ और साफ सुथरा बनाए । और यह तभी संभव होगा जब हम स्वयं एक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे । 



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