हितेश दायमा के शव का 24 घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम, ट्रेवल्स के मालिक नहीं पहुंचे सांत्वना देने...

 


डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना अंतर्गत सिद्धी रेजिडेंसी गोवाडी के पास कल 3 बजे अपराह्न एक निजी ट्रेवल्स की बस गैरेज में काम करवाने ले जाते समय विधुत के 11 केवी लाइन के तार से टकरा गई जिससे चालक हितेश दायमा की मौके पर ही मौत हो गई। जब की परिचालक बचने में कामयाब रहा। इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर तहसीलदार डॉ मयूर शर्मा थाना अधिकारी सुरेंद्र सोलंकी और और विद्युत विभाग की FRT की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को इस बात की खबर पहुंचाई। मृतक हितेश दायमा निवासी बड़ौदा तहसील आसपुर जिला डूंगरपुर के निवासी हैं बताया जा रहा है कि डूंगरपुर से जनता ट्रेवल्स की बस को लेकर सागवाड़ा वर्कशॉप पर गाड़ी का काम करवाने के लिए आ रहे थे कि अचानक सिद्धि रेजिडेंसी के सामने गैरेज में टर्न लेते समय विद्युत के झूलते हुए तारों से उलझ गए और इस दौरान पूरी बस में करंट दौड़ गया ‌‌ एक बार के लिए चालक हितेश दायमा बस से कूद गए लेकिन फाटक बंद करने के दौरान करंट ने उन्हें चपेट में ले लिया और उसी समय उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई । प्रशासन ने शव को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय सागवाड़ा मोर्चरी में रखवाया गया और परिजनों को इसकी सूचना दी गई । घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में परिजन और लोगों की भीड़ जुट गई।

जनता ट्रेवल्स की बस के मालिक मौके पर नहीं पहुंचे और ना ही सांत्वना दी इस बात को लेकर परिजन काफी आक्रोशित हो उठे और 24 घंटे तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया । इस बीच परिजनों ने बस मालिक को मौके पर बुलाने के लिए जिद पर अड़े रहे और प्रशासन से न्याय की मांग की लेकिन इसके बावजूद मौके पर बस के मालिक उपस्थित नहीं हुए । इस वजह से काफी देर तक समझाइश का दौर जारी रहा। काफी समय गुजरने के बाद बस मालिक ने ₹31000 परिवार को सहयोग राशि के रूप में देने की बात कही लेकिन इस बात को लेकर परिजन असंतुष्ट दिखाई दिए और मौके पर बस मालिक को बुलाने की जिद पर अड़े रहे । आपको बता दें कि मृतक हितेश दायमा के दो बच्चे और बूढ़े मां बाप उसी के सहारे थे लेकिन अब उसका साया बच्चों के सर से हट गया । प्रशासन की काफी समझाइश के बाद बस मालिक ने मृतक के परिजनों को ₹70000 देने की घोषणा की और प्रशासन और परिजनों के बीच समझा इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव को परिजनों को सूपुर्द किया गया । 24 घंटे के बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ और हितेश दायमा के शव को लेकर परिजन अपने घर अंतिम संस्कार करने के लिए लेकर गए।



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