निष्पक्ष जांच करवाने को लेकर एक विधवा मां ने तहसीलदार डॉ. मयूर शर्मा को शुक्रवार को ज्ञापन सोपा।


 निष्पक्ष जांच करवाने को लेकर एक विधवा मां ने तहसीलदार डॉ. मयूर शर्मा को शुक्रवार को ज्ञापन सोपा।



राजपुर सेलोता निवासी सविता पत्नी स्व. रमण खांट ने तहसीलदार डॉ. शर्मा को ज्ञापन देकर बताया कि उसका पुत्र प्रवीण 31 अगस्त की शाम करीब 4 बजे ससुराल लिमडी से मोटरसाइकिल पर बुआ के लड़के भावेश पिता कुरीलाल बामणिया के साथ घर आ रहा था की लिमडी स्कूल के पास सामने से आ रही तेज गति से गफलत पूर्वक चलाते हुए कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी टक्कर लगने से प्रवीण और भावेश दोनों को गंभीर चोट आई यह देख चालक मौके से फरार हो गया किंतु चालक की पहचान भीलूडा निवासी सुभाष पिता हरिशंकर भट्ट के रूप में हुई जिसको रोकने की कोशिश की लेकिन वह कार को भगाकर अपने घर की तरफ चला गया मोटरसाइकिल का नुकसान और दवाई का खर्चा दिलवाने के लिए उसके घर जाकर शांति से बात कर रहे थे लेकिन सुभाष पिता हरिशंकर भट्ट और उसका परिवार बाहर निकल गए और जातिसूचक शब्दों के साथ गाली गलौज करने लगे और सुभाष पिता हरिशंकर भट्ट ने धमकी देते हुए कहां की मैं धीरे-धीरे इसलिए आया था कि तुम लोग मेरे घर तक आ सको अब घर पर आए हो तो मार भी खानी पड़ेगी और तुम पर झूठा मुकदमा करके पुलिस वालों के साथ सांठगांठ करके फसा दूंगा और जेल भी भेजूंगा। जिस पर मेरे बच्चों ने हाथ जोड़कर शांति से बात करने को कहां लेकिन सुभाष पिता हरिशंकर और उनका भाई नीरज भट्ट घर के अंदर से लट्ठ लेकर बाहर आए और गाली गलौज करते हुए बच्चों पर वार कर दिया जिससे मेरे बच्चों के साथ गए सतीश और वासु को भी गंभीर चोटें आई बच्चों के चिल्लाने पर आसपास की भीड़ इकट्ठा हो गई और उनको जान से मार देने की धमकी देने लगे बच्चे वहां से जान बचाकर निकले और दवाई करवाने के लिए सागवाड़ा राजकीय अस्पताल में गए लेकिन वहां पर पर्ची कटवाने के साथ ही सागवाड़ा पुलिस थाने से पुलिस के जवान आए और दवाई नहीं करवाने दी और कहने लगे कि आप की दवाई जेल में होगी।


इसके बाद प्रवीण ने रिपोर्ट देने व दर्ज करने की बात कही तो रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं जिनकी दवाई भी नहीं हुई है और लॉकअप में बंद कर रखा है ज्ञापन के माध्यम से सविता ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

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