सुलभ कॉम्प्लेक्स सागवाड़ा की पानी की टंकि देख कर लगता है कोई गटर का खड्डा है

 


डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय सागवाड़ा के पास राहुल मेडिकल के सामने नगर पालिका द्वारा सुलभ कंपलेक्स संचालित किया हुआ है। बाहर से आने जाने वाले लोग और आसपास के व्यापारी इस सुलभ काप्लेक्स में अपने आप को साफ सुथरा करने के लिए और नहाने धोने के लिए आते हैं लेकिन इस सुलभ काम्पलेक्स की पानी की टंकी को देखकर ऐसा नहीं लगता कि यहां पर कोई आकर अगर हाथ धोए या कुल्ला करें या फिर अपने आप को साफ करने के लिए नहाए धोए तो वह अपने आप को साफ सुथरा महसूस करेगा।

वागड़ लाइव के रिपोर्टर ने जब पड़ताल की तो पता चला कि सुलभ कांपलेक्स की पानी की टंकी की छत ऊपर से टूटी हुई है और इस पानी के अंदर झांक कर देखा जाए तो ऐसा प्रतीत होता है कि यह किसी गंदे नाले का गटर है । जिसमें पूरी गंदगी भरी हुई है पता नहीं इस पानी की टंकी को कब साफ किया गया था ? पानी की टंकी में इतनी गंदगी को देखकर इस सुलभ काम्प्लेक्स के पानी को हाथ पर लगाने से भी लोग करतराएंगे । क्योंकि इतना गंदा पानी हाथ धोने या नहाने के लिए उपयोग में नहीं लिया जा सकता ।पानी की टंकी में ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ जानवर भी मरे हुए पड़े हैं क्योंकि पानी की टंकी खुली हुई है और पक्षी पानी पीने के लिए इस टंकी के आसपास जुटते हैं और अगर पानी में गिर जाते हैं तो उनकी मौत स्वभाविक है।

पानी की टंकी का हाल देखिए 👆👆👆

आपको बता दें कि यह सुलभ काम्प्लेक्स नगर पालिका सागवाड़ा द्वारा संचालित है और इसे ठेके के द्वारा ठेकेदार ने संचालित कर रखा है । अब इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की बनती है कि वह पानी की टंकी को समय-समय पर साफ करें । लेकिन ऐसा वह करता हुआ पाया नहीं गया ।अब जिम्मेदारी आती है नगरपालिका सागवाड़ा के स्वच्छता विभाग की तो स्वच्छता विभाग को इस विषय में समय-समय पर जानकारी लेना और निरीक्षण करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इस तरह से अगर गंदा पानी लोग उपयोग में ले रहे हैं तो यह उचित नहीं है । क्योंकि अगर कोई नहाने धोने जाता है तो नगर पालिका द्वारा शुल्क लिया जाता है और अगर शुल्क लेने के बावजूद भी स्वच्छ पानी अगर नहीं मिल पाता है तो यह सरासर गलत है।



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