रिश्वत लेते थानाधिकारी को भ्रष्टाचार न्युरोधक टीम ने धर दबोचा


 परिवादी भुरालाल वगैरा एवं सहपरिवादी शांतिलाल पारगी द्वारा दिनांक 27.03.2022 को ब्यूरो इकाई, डूंगरपुर पर उपस्थित होकर परिवादी भुरालाल ने एक शिकायत की गई कि दिनांक 17.03.2022 को उसके भाई दिनेश व मगन के साथ गांव के कालु पिता जीवा वगैरा द्वारा किसी बात को लेकर सांय करीब 4 बजे मारपीट व उसी दिन रात्रि 9 बजे भी होली जलाने व खेलने गये उस वक्त भी हमारे दुबारा लडाई झगडा कर लिया जिसकी रिपोर्ट पुलिस थाना रामसागडा में दोनों तरफ से मुकदमें दर्ज करावा दिये हैं। विपक्षी कालु पिता जीवा द्वारा परिवादी के परिवार के 28 व्यक्तियों के विरूद्ध मामला दर्ज कराया गया हैं, जिसकी जांच पुलिस थाना रामसागडा के थानाधिकारी बाबुलाल डामोर द्वारा की जा रही हैं। उक्त प्रकरण में जांच पुलिस थाने में ही निपटा कर रफा-दफा करने के एवज में सहपरिवादी शांतिलाल पारगी के माध्यम से 1 लाख रूपये रिश्वत की मांग रहे हैं, जिस पर दिनांक 27.03.2022 को रिश्वत राशि का मांग सत्यापन कराया गया तो आरोपी बाबुलाल थानाधिकारी द्वारा दर्ज मामले में प्रति व्यक्ति 3 हजार रूपये कुल 28 व्यक्तियों के 84 हजार रूपये रिश्वत राशि की मांग की गई।Next khabar
 प्रकरण में आज दिनांक 29.03.2022 को अग्रिम कार्यवाही करते हुये आरोपी 52 हजार रूपये रिश्वत लेते हुये पकड़ा गया हैं। ट्रेप कार्यवाही के दौरान रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी हैं। मौके पर अग्रिम ट्रेप कार्यवाही जारी हैं। माधोसिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मय ब्यूरो जाप्ता ब्यूरो इकाई, डूंगरपुर व बांसवाडा 


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पंचायत समिति सागवाड़ा पर टेंडर प्रक्रिया के दिखावे की औपचारिकता कर राजकोष में करोड़ों रुपए की सेंध लगाकर घोटाला करने का आरोप लगाया गया है अनिल पाटीदार पुत्र धन्नालाल निवासी जेठाना ने जिला कलेक्टर को जन सुनवाई के दौरान बताया कि ग्राम पंचायत जेठाना में सरपंच व उपसरपंच के करीबी रिश्तेदारों की फर्मो के बिल लगाकर सरकारी राशि का अपहरण किया गया है। ग्राम पंचायत जेठाना में अनिल पाटीदार ने टेंडर प्रक्रिया से निविदा प्रक्रिया में भाग लेकर स्वयं की फर्म कमला कंस्ट्रक्शन के नाम निविदा स्वीकृत कराने एवं उसके अनुसार निर्माण कार्यों पर वांछित सामग्री की आपूर्ति करने के बावजूद प्रार्थी को आपूर्ति निर्माण सामग्री का भुगतान करने के बजाय विकास अधिकारी पंचायत समिति सागवाड़ा द्वारा सरपंच व उप सरपंच ग्राम पंचायत जेठाना से मिलीभगत कर कूट रचित बिल वाउचर तैयार कर सरपंच के पति की फर्म हिमानी मैटेरियल सप्लायर्स व उपसरपंच की स्वयं की फर्म जय अंबे मैटेरियल सप्लायर के कांतिलाल मेहता की दुकान से मणिलाल आरा मशीन के घर तक सीसी सड़क किसान चौक से लोकत फूला स्कूल तक सीसी सड़क मेन रोड से भुरजी डिंडोर के घर तक सीसी सड़क सामुदायिक भवन का परकोटा निर्माण कार्यों पर नरेगा वेबसाइट पर अपलोड कर सरकारी धन का अपहरण कर प्रार्थी को भारी हानि कार्य कर अपराधिक कृत्य किया है जोकि निंदनीय है। उन्होंने ज्ञापन में बताया है कि विकास अधिकारी पंचायत समिति सागवाड़ा द्वारा पंचायत समिति स्तर पर मात्र दिखावटी टेंडर की प्रक्रिया कर सरपंच व उप सरपंच के करीबी रिश्तेदारों की फर्मो के बिल नरेगा वेबसाइट पर अपलोड कर सरकारी धन का खुल्लम-खुल्ला वर्णन किया गया है। प्रार्थी ने बताया कि विकास अधिकारी पंचायत समिति सागवाड़ा में पंचायत समिति सागवाड़ा के अधीनस्थ ग्राम पंचायतों में वर्ष 2021 में निर्माण सामग्री हेतु निविदा आमंत्रित की थी जिसमें प्रार्थी द्वारा भी भाग लिया गया था और 13 जुलाई 2021 को विकास अधिकारी पंचायत समिति सागवाड़ा को लिखित में सूचित किया था कि जेठाना ग्राम पंचायत की निविदा प्रक्रिया में सरपंच के पति ने भी स्वयं की फर्म के साथ भाग लिया है उस निविदा को निरस्त किया जाए। जिस पर विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत जेठाना की निविदा निरस्त कर दी लेकिन आज दिन तक पुनः निविदा आमंत्रित नहीं की गई एवं विकास अधिकारी द्वारा बिना निविदा प्रक्रिया के ही मनमर्जी से सरपंच के परिजनों को सरपंच के फर्म की नरेगा वेबसाइट पर अपलोड कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है । उन्होंने आगे बताया कि विकास अधिकारी द्वारा 2021-22 के लिए टेंडर प्रक्रिया कर ग्राम पंचायत जेठाना की भौतिक रूप से करीबी ग्राम पंचायत भीलुड़ा में 17 दशमलव 5% कम कर भगत कंस्ट्रक्शन आरा में 12 दशमलव 71% कम कर चामुंडा इंटरप्राइजेज सेमलिया पंड्या में 1% कम पर पाश्व भैरव इंटरप्राइजेज एवं वगेरी में 3 दशमलव 66% कम कर पारस कंस्ट्रक्शन फर्म को अनुमोदित की गई थी इसके बावजूद विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत जेठाणा में सरपंच के रिश्तेदार उपसरपंच की स्वयं की फर्म के बिल वाउचर नरेगा में भुगतान हेतु अपलोड कर लगभग डेढ करोड का भुगतान कर राजकोष को लाखों का चूना लगाया है जिसके सीधे तौर पर ग्राम पंचायत के कार्मिक व विकास अधिकारी पंचायत समिति सागवाड़ा व्यक्तिगत जिम्मेदार हैं । उन्होंने जिला कलेक्टर से इस प्रकरण की जिला स्तरीय अधिकारी से विस्तृत जांच करवा कर प्रार्थी को उसके द्वारा आपूर्ति निर्माण सामग्री की बकाया राशि का भुगतान कराने व दोषियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाकर अनुशासनात्मक कार्रवाई करवाने की मांग की है।




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