अखिल भारतीय कलाजी संप्रदाय का होली मिलन समारोह एवं नवीन कार्यकारिणी का गठन

 

अखिल भारतीय कला जी संप्रदाय की होली मिलन एवं नवीन कार्यकारिणी का गठन मुख्य धाम वीरपुरा जयसमंद जिला उदयपुर में मंगलवार को संपन्न हुआ इस कार्यक्रम में सभी मेहमानों का भोजन प्रसाद दिनेश सोनी ओडवारिया द्वारा किया गया । कार्यकारिणी का गठन करते हुए अखिल भारतीय कला जी संप्रदाय के अध्यक्ष महंत महेंद्र सिंह चौहान ने नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमें राष्ट्रीय संरक्षक महंत करुणेश्वर रावल केशरियाजी, सरक्षक मण्डल - महंत मोहनलाल शर्मा वीरपुरा, शम्भु सिंह राठौड़ रनेला, संत फलाहारी महाराज सेमारी, कचरूलाल पाटीदार भेहणा, सूर्यवीर सिंह चौहान नौगामा, देवी सिंह चौहान बनकोडा ओडा, और भंवर सिंह राणावत चित्तोड़गढ़ के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। वही महामंत्री पद पर महंत गोपालदास वैष्णव, राजपुर कोषाध्यक्ष महंत नारायण दास वैष्णव उदयपुर, सहकोषाध्यक्ष महंत कारिलाल हडात, सलाहकार महंत भारत सिंह चौहान, बांसवाड़ा मिट्ठालाल चितोडा उदयपुर, राम सिंह चौहान हडमतिया मोहन सिंह चुण्डावत सैलाना, कैलाश मून्दड़ा निम्बाहेड़ा, तेज सिंह चौहान बिछीवाड़ा, सतीश भाणावत उदयपुर व संगठन मंत्री एवं प्रवक्ता महंत अशोक परिहार उदयपुर,उ


पाध्यक्ष महंत अनील कुमार वैष्णव वलाद, संतोष सिंह गहलोत झाबुआ, भरतलाल अहारी डोला, धर्मेन्द्र शुक्ला बांसवाड़, जब्बर सिंह राजपुरोहित बसंत पाली, नारायण लाल तेली चावण्ड कुलदीप सिंह चौहान वरदा, मंत्री महंत दलपत सिंह चौहान डूंगरपुर, विजय सिंह राठौड़ बांसवाड़ा, चन्द्रवीर सिंह चुण्डावत झाम्बुडा, चन्द्रप्रकाश वैष्णव धरियावद, मनोज रावल देवसोमनाथ, पुष्पेन्द्र सिंह चौहान नौगामा, विन्देश सोनी लुनावाड़ा, कार्यकारिणी सदस्य महंत करण सिंह राणावत करावड़ा, कान्तिलाल परमार कोलखण्डा, राजकुमार सोनी उदयपुर, मदन सिंह चौहान खेमपुरा उदयपुर, अटल वैष्णव गोल आसपुर, हितेश पण्ड्या आसोडा, कन्हैयालाल प्रजापत बोरितलाव, घुमकेश सिंह चुण्डावत खोडम्बा, महेन्द्र सिंह शक्तावतभीमपुर, नारायण गुरु थांदला, राजेन्द्र सिंह चुण्डावत गुलाबपुरा, मिडिया प्रभारी जिग्नेश वैष्णव राजपुर, जितेन्द्र सिहं चौहान बनकोड़ा ओडा को बनाया गया है। कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए संप्रदाय के अध्यक्ष महंत महेंद्र सिंह चौहान ने सभी कार्यकारिणी के सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए संप्रदाय के प्रति निष्ठा और कर्तव्य को समझते हुए धर्म के मार्ग पर चलते हुए कार्य करने की शपथ दिलाई।



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