सागवाड़ा शहर की कुछ एसी तस्वीरें जो कड़वा बोलती है

 


कौन करेगा सुधार?

डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर के सबसे बड़े खेल मैदान महीपाल ग्राउंड को सब्जी फल विक्रेताओं ने पुरी तरह से घेर कर रखा हुआ है, दुर से एसा प्रतित होता है कि यहां पर कोई सब्जी मंडी लगी हुई है।


महीपाल मैदान में आने जाने वालों के लिए रास्ता तक नहीं दिखाई देता है । सब्जी एवं फल विक्रेताओं ने महीपाल मैदान के मुख्य द्वार के आगे की नाली में इतना कचरा और प्लास्टिक डाल रखा है कि पुरी नाली जाम हो चुकी है । पानी निकासी का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है ।

यहां तक कि अंदर की तरफ भी गंदगी कचरा जमा कर रखा है। नगरपालिका द्वारा रेन बसेरा होने के बावजूद यहां पर कुछ लोगों ने डेरा डाल रखा है ।

मनमर्जी से वसुलते है सब्जी विक्रेता ग्राहकों से पैसा

पुरे सागवाड़ा नगर में सब्जी विक्रेता ग्राहकों से मनमर्जी से सब्जी और फल का पैसा वसूल करते हैं लेकिन किसी भी तरह का प्रशासन कि तरफ से लगाम नहीं लगाया गया है । आलु प्याज ‌से लगाकर कर टमाटर गोभी, अंगुर, सेवफल हर चीज की किमत बेलगाम है । अगर कोई ग्राहक यह पुछता है कि इतना महंगा क्यों दे रहे हैं तो बताते हैं कि जहां सस्ता मिले वहां से ले लो । एसे में मजबुर ग्राहक मन मसोस कर रह जाता है । सामान्य परिवार कि रसोई में सब्जी गायब रहती है ।

यहां पर हर सब्जी कि किमत अलग तरिके से तय होती है । जेसे आलु 30 रुपए के दो किलो तो 1 किलो का 15 रुपए होना चाहिए । लेकिन यहां एसा नहीं है एक किलो का भाव 15 रुपए की जगह 20 रुपए वसुला जाता है और यहां की भोली भाली जनता को लुटा जाता है । इसी तरह से अंगुर 20 रुपए के पांव तो 30 रुपए के आधा किलो । सेवफल मोसंबी सब्जी हर चीज का भाव इसी तरह से मनमर्जी से चला कर भोली भाली जनता को लुटा जाता है । 

नगरपालिका को सब्जी मंडी व्यापारियों की एक बैठक बुलाकर फल और सब्जियों की कीमतों को पुरे नगर में एक जेसा रखने के लिए पाबंद करना चाहिए। और फल सब्जी के ठेले को सुव्यवस्थित और नियत स्थान पर खड़ा रखने और कचरे को डस्टबिन में डालने के लिए पाबंद करना चाहिए ।

इधर सागवाड़ा पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय नो पार्किंग जोन के सामने ही खड़ा करते हैं वाहन चालक वाहन को ।


या तो इन्हें अंग्रेजी समज नहीं आती या फिर ये बड़े रसुखदार लोग हैं या फिर जान बुझ कर ही एसा करते हैं ।


 


लेकिन जो भी हो प्रशासन कुछ दिनों के बाद एसी तस्वीरें नजरअंदाज करता है ।


राजकीय चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर वाहन को खड़ा करने से भी नहीं हीचकिचाते है यहां पर लोग । 

आए दिन इस तरह के नजारे देखने को मिल जाते हैं एक तरफ नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोडनिया ने सागवाड़ा नगर को सुंदर बनाने की पुरजोर कोशिश कर रखी है तो लोग इसका मजाक बनाने में नहीं चुक रहे हैं।

सागवाड़ा नगर के बड़े अस्पताल में पार्किंग के लिए एक नियत शुल्क निर्धारित करना चाहिए ताकि वाहन चालक निर्धारित जगह पर वाहन खड़ा करेे ।



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