चितरी ग्राम पंचायत को निर्माण कार्य रोकने के लिए वकील ने भेजा नोटिस

 


डूंगरपुर जिले के गलियाकोट उपखंड अंतर्गत चितरी ग्राम पंचायत में कुतबी ऑटोमोबाइल चितरी के सामने ग्राम पंचायत की आबादी की जमीन पर ग्राम पंचायत द्वारा ताबड़तोड़ तरिके से निर्माण कार्य करवाया जा रहा है । जबकि इस मामले में कुतबी ऑटोमोबाइल के मालिक कुतुबुद्दीन पिता फकरुद्दीन दाउदी वाला ने उपखंड अधिकारी सागवाड़ा न्यायालय में एक रेवेन्यू दावा एवं साथ में एक अस्थाई निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र पेश किया था। जिसमें गत दिनांक 25/10/ 2002 प्रकरण संख्या 19/2001 मुत रेवेन्यू में उपखंड अधिकारी सागवाड़ा के द्वारा आदेशित किया गया है कि वादा के निस्तारण तक  मोके को यथावत रहने दिया जाए। 



सागवाड़ा उपखंड कार्यालय से पत्रावली स्थानांतरित हो कर वर्तमान में उपखंड अधिकारी गलियाकोट के समक्ष विचाराधन होकर वर्तमान में प्रकरण लंबित है । लेकिन इसके बावजूद ग्राम पंचायत के द्वारा न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए वर्तमान में मौके पर ताबड़तोड़ तरीके से कार्य किया जाना संदेहास्पद नजर आ रहा है कि आखिर में ऐसी क्या वजह है जिसकी वजह से अदालत के आदेशों की अवहेलना करते हुए ग्राम पंचायत द्वारा इस तरह का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है जिसमें एक दुकानदार की पूरी की पूरी दुकान उस निर्माण कार्य के बनने से एक तरह से बंद होती हुई नजर आ रही है।

        वर्तमान में जारी निर्माण कार्य



इस विवादित मामले को लेकर कुतुबुद्दीन पिता फकरुद्दीन दाऊदी वाला के वकील चंद्रशेखर शुक्ला ने एक नोटिस भेजकर ग्राम पंचायत को अवगत करवाया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव और पुरी ग्राम पंचायत की कोरम जबरन एवं अनाधिकार पूर्वक उक्त निर्माण कार्य के स्थगन आदेश के बावजूद और सारी वस्तुस्थिति जानने के बावजूद रात और दिन में इस कोरोना काल में भी सरकार की गाइडलाइन की पालना नहीं करते हुए और स्थगन आदेश की पालना नहीं करते हुए मजदूर इत्यादि लगाकर कार्य जारी रख रहे हैं। जो न्यायालय की अवहेलना की श्रेणी में आता है और मेरे पक्ष कार को जबरन परेशान और हैरान करने वाली स्थिति को दर्शाता है।  वकील ने यह भी लिखा है कि मौके पर मेरे पक्षकार को शांति भंग होने का भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने लिखा है कि इस पत्र के साथ 2002 के न्यायालय के द्वारा दिए गए आदेश व स्थगन प्रार्थना पत्र की प्रति भी साथ में संलग्न की जा रही है। 

वकील ने नोटिस में यह भी लिखा है कि यह सूचना पत्र प्राप्त होने पर तत्काल कार्य को रोका जाए अन्यथा मजबूरन मेरे पक्ष कार को न्यायालय की अवहेलना करने के आरोप में आप के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करनी पड़ेगी और इसके बाद इसका समस्त जिम्मेदाराना आप को ठहराया जाएगा। 

बावजूद ग्राम पंचायत की मनमानी जारी रही और ग्राम पंचायत में अभी भी उस कार्य को जारी रखा हुआ है अब इतनी बड़ी ताकत ग्राम पंचायत के पास कौन सी है यह समझ में नहीं आया । जिसे ग्राम पंचायत में न्यायालय की अवहेलना की है। 

क्या है पूरा मामला देखिए





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