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    गूगल को टक्कर देने ओपनएआई लाया ChatGPT ट्रांसलेट:फ्री में 50 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेट कर सकेंगे, मुहावरे भी समझाएगा

    1 day ago

    ओपनएआई ने अपना नया AI-पावर्ड टूल 'ChatGPT ट्रांसलेट' लॉन्च कर दिया है। इस टूल से आप बिना लॉग-इन और सब्सक्रिप्शन चार्ज दिए 50 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेट कर सकेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी ने इसे गूगल ट्रांसलेट को टक्कर देने के लिए बनाया है। हालांकि, चैटजीपीटी में ट्रांसलेशन का फीचर पहले भी था, अब कंपनी ने इसके लिए एक अलग वेब प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो देखने में काफी हद तक गूगल ट्रांसलेट जैसा ही नजर आता है। इस नए टूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ शब्दों को ट्रांसलेट नहीं करता, बल्कि सेंटेंस के पीछे के भाव (टोन) और संदर्भ (कॉन्टेक्स्ट) को भी समझता है। साथ ही यह मुहावरे का मतलब भी समझा सकता है। लॉग-इन की जरूरत नहीं, ऐसे कर सकते हैं इस्तेमाल इस नए टूल का इस्तेमाल करना आसान है। यूजर्स सीधे chatgpt.com/translate पर जाकर इसे एक्सेस कर सकते हैं। फिलहाल वेबसाइट पर ट्रांसलेशन के लिए लॉग-इन करने की भी जरूरत नहीं है। यूजर को बस अपनी सोर्स भाषा और जिस भाषा में अनुवाद चाहिए, उसे चुनना होता है और चैटजीपीटी तुरंत रिजल्ट दे देता है। यूजर फ्रेंडली इंटरफेस और 50+ भाषाओं का सपोर्ट चैटजीपीटी ट्रांसलेट के इंटरफेस को बहुत सरल और यूजर फ्रेंडली रखा गया है। इसकी वेबसाइट पर दो बड़े बॉक्स दिए गए हैं- एक में अपनी बात लिखें और दूसरे में तुरंत उसका अनुवाद (ट्रांसलेशन) मिल जाएगा। कंपनी का दावा है कि यूजर्स हिंदी, इंग्लिश, जापानी और अरबी समेत 50 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेशन कर सकते हैं। ओपनएआई के मुताबिक, यह टूल सिर्फ शब्दों को नहीं बदलता, बल्कि पूरी बात का सही मतलब और गहराई समझकर सटीक अनुवाद करता है। कस्टमाइजेशन के लिए दिए गए खास ऑप्शन ओपनएआई ने इसमें एक 'एक्स्ट्रा ट्विस्ट' जोड़ा है। इसमें यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से ट्रांसलेशन की टोन बदल सकते हैं। इसके लिए कुछ खास आइकन्स दिए गए हैं, जैसे- PDF अपलोड और रियल-टाइम वॉयस इनपुट की कमी भले ही चैटजीपीटी ने नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, लेकिन इसमें अभी भी कुछ कमियां हैं। वर्तमान में वेबसाइट पर इमेज इनपुट, PDF अपलोड और रियल-टाइम वॉयस इनपुट जैसे ऑप्शन नजर नहीं हैं। दूसरी ओर, गूगल ट्रांसलेट सालों से ये सुविधाएं दे रहा है। हाल ही में गूगल ने 'जेमिनी' AI की मदद से 'लाइव स्पीच-टू-स्पीच' फीचर भी पेश किया है, जो हेडफोन के जरिए रीयल-टाइम में बातचीत का ट्रांसलेशन करता है और बोलने वाले की लय और टोन को भी बरकरार रखता है। भाषा सीखने वालों के लिए मददगार होगा टूल चैटजीपीटी का यह टूल न सिर्फ ट्रांसलेशन करेगा, बल्कि फॉलो-अप सवालों के जवाब भी देगा। जैसे अगर आपको किसी ट्रांसलेशन में कोई शब्द समझ नहीं आया, तो आप चैटजीपीटी से उसका कारण या इस्तेमाल पूछ सकते हैं। वहीं, गूगल भी पीछे नहीं है; उसने अपने एप में 'कस्टमाइज्ड प्रैक्टिस सेशन' और 'streak tracker' जैसे फीचर्स जोड़े हैं, ताकि यूजर्स नई भाषा सीखने के लिए मोटिवेट रहें।
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