SEARCH

    Select News Languages

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    vagadlive
    vagadlive

    वर्ल्ड अपडेट्स:लश्कर आतंकी बोला- पाकिस्तान ने दुनियाभर से उधार मांगा, यहां पैदा होने वाला बच्चा भी कर्जदार

    3 days ago

    पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के सीनियर कमांडर मोहम्मद अशफाक राणा ने एक सार्वजनिक जलसे में पाकिस्तान सरकार पर तंज किया है। उन्होंने पंजाब के हालात की तुलना बलूचिस्तान की बदहाली से करते हुए सरकार को चोर तक कह डाला। मोहम्मद अशफाक राणा ने पाकिस्तान की आर्थिक हालत पर भी सवाल उठाए। उसने कहा कि शायद ही दुनिया में कोई देश बचा हो जिससे पाकिस्तान ने कर्ज न लिया हो। पाकिस्तान ने अमेरिका, चीन, सऊदी अरब, UAE, मलेशिया, वर्ल्ड बैंक और IMF समेत लगभग हर जगह से कर्ज लिया है। उसने आगे कहा कि इसके बावजूद देश की हालत लगातार खराब होती जा रही है। उसने कहा कि पाकिस्तान में पैदा होने वाला हर बच्चा भारी कर्ज के बोझ के साथ जन्म ले रहा है। अगर यह पैसा देश के भीतर लगाया गया होता तो पाकिस्तान आज कई विकसित देशों से आगे होता। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... इंडोनेशिया ने मस्क के ग्रोक चैटबॉट पर बैन लगाया, AI से अश्लील तस्वीरें बनाने का आरोप इंडोनेशिया ने इलॉन मस्क की कंपनी xAI के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट ग्रोक को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। CBS न्यूज के मुताबिक, ऐसा करने वाला इंडोनेशिया दुनिया का पहला देश बन गया है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि ग्रोक के जरिए बिना सहमति महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाई जा रही थीं। रिपोर्ट में बताया गया कि ग्रोक के इमेज जेनरेशन फीचर से यूजर साधारण टेक्स्ट लिखकर महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों को अश्लील तरीके से बदल सकते थे। CBS न्यूज ने जांच में पाया कि इस टूल से महिलाओं की तस्वीरों को बिकिनी या कम कपड़ों में बदला गया, जिनमें अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प जैसी जानी मानी हस्तियां भी शामिल थीं। इंडोनेशिया की संचार और डिजिटल मामलों की मंत्री म्यूत्या हाफिद ने कहा कि यह रोक महिलाओं, बच्चों और आम लोगों को AI से बनाए जा रहे फर्जी पोर्न कंटेंट से बचाने के लिए लगाई गई है। उन्होंने कहा कि बिना सहमति डीपफेक बनाना मानवाधिकार, सम्मान और डिजिटल सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। हालांकि ग्रोक पर कुछ दूसरे देशों में भी पाबंदियां लगी हैं, लेकिन पूरी तरह से एक्सेस बंद करने का फैसला पहली बार किसी देश ने लिया है। अन्य जगहों पर विरोध के बाद ग्रोक के कुछ फीचर्स सिर्फ पेड यूजर्स तक सीमित किए गए हैं, लेकिन यूरोप के अधिकारी और डिजिटल अधिकार संगठन इसे नाकाफी कदम मानते हैं। मीडिया के सवालों पर इलॉन मस्क की कंपनी xAI ने सिर्फ इतना जवाब दिया कि लेगेसी मीडिया झूठ बोल रहा है, लेकिन इस पर कोई और जानकारी नहीं दी गई। भारत में भी इस मामले को लेकर कदम उठाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने एक्स को लेटर लिखकर कहा है कि वह IT एक्ट 2000 के तहत तय नियमों का पालन नहीं कर रहा है। मंत्रालय ने ग्रोक जैसे AI टूल्स के जरिए अश्लील और यौन कंटेंट को रोकने के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। लेटर में कहा गया है कि अगर नियमों का पालन नहीं हुआ तो आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी छूट खत्म हो सकती है और आगे कार्रवाई भी की जा सकती है। यूरोप में भी इस मामले को लेकर चिंता बढ़ रही है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि ग्रोक पर बैन लगाने समेत सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। अमेरिका में रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने कहा कि AI से बनी अश्लील तस्वीरें कानून का उल्लंघन हैं और पीड़ितों की निजता और सम्मान के लिए खतरा हैं। मस्क ने पिछले हफ्ते कहा था कि अगर कोई ग्रोक का इस्तेमाल गैरकानूनी कंटेंट बनाने में करेगा तो उसे वही सजा मिलेगी, जो अवैध कंटेंट अपलोड करने पर मिलती है। अमेरिका के मिसिसिपी में गोलीबारी, 6 लोगों की मौत अमेरिका के मिसिसिपी राज्य के क्ले काउंटी में शुक्रवार रात गोलीबारी की घटना में 6 लोगों की मौत हो गई। लोकल मीडिया और कानूनी एजेंसियों के मुताबिक इस मामले में आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। NBC न्यूज के मुताबिक गोलीबारी की घटनाएं तीन अलग अलग जगहों पर हुईं। सभी जगहों पर लोगों को गोली मारी गई, जिसमें छह लोगों की जान चली गई। क्ले काउंटी के शेरिफ एडी स्कॉट ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि आरोपी को पकड़ लिया गया है। हालांकि उन्होंने मृतकों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं बताया। शेरिफ एडी स्कॉट ने फेसबुक पर लिखा कि वह सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करने की अपील करते हैं। वेनेजुएला की विपक्षी नेता अपना नोबेल ट्रम्प को देने के लिए तैयार, नोबेल कमेटी बोली- ये मुमकिन नहीं नॉर्वे की नोबेल समिति ने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार न तो शेयर किया जा सकता है, न वापस लिया जा सकता है और न ही किसी और को दिया जा सकता है। यह बयान उस वक्त आया जब नोबेल पुरस्कार विजेता और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने कहा था कि वह अपना नोबेल शांति पुरस्कार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को देना चाहती हैं। नोबेल समिति ने अपने बयान में कहा कि एक बार नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो जाने के बाद उसका फैसला हमेशा के लिए मान्य रहता है। इसे किसी भी हालत में बदला नहीं जा सकता। इस बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि जब मारिया कोरीना मचाडो अगले हफ्ते अमेरिका आएंगी, तब वह इस प्रस्ताव पर उनसे बात करेंगे। मचाडो की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हैं। हाल ही में वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया है। इसके बाद ट्रम्प ने वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों को लेकर भी दावे किए हैं। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद मारिया कोरीना मचाडो ने वेनेजुएला की सत्ता नहीं संभाली। उनकी जगह देश की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रपति का पद संभाला। डोनाल्ड ट्रम्प पहले भी कई बार खुद को नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बता चुके हैं। उनका कहना है कि अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने आठ महीनों के भीतर आठ युद्ध खत्म कराए हैं। ट्रम्प का कहना है कि हर उस युद्ध के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए जिसे रोका गया हो। ट्रम्प ने इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की भी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि ओबामा को 2009 में राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद नोबेल शांति पुरस्कार दे दिया गया जबकि उन्होंने कुछ भी नहीं किया था। वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी का जश्न मनाने पर निकारागुआ में 60 लोग गिरफ्तार निकारागुआ में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी का समर्थन करने या इसे लेकर खुशी जताने के आरोप में 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी एक मानवाधिकार निगरानी संस्था और लोकल मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई है। निकारागुआ के राष्ट्रपति डैनियल ओर्टेगा और उपराष्ट्रपति रोसारियो मुरिलो वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। मादुरो को 3 जनवरी 2026 को अमेरिका की सेना ने काराकस से गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले गया था। मानवाधिकार संगठन ब्लू एंड व्हाइट मॉनिटरिंग ने अब तक कम से कम 60 लोगों की मनमानी गिरफ्तारी की जा चुकी है। संगठन के मुताबिक शुक्रवार तक 49 लोग हिरासत में थे और उनके कानूनी हालात की कोई जानकारी नहीं दी गई है। वहीं 9 लोगों को रिहा किया गया है और 3 लोगों को कुछ समय बाद छोड़ दिया गया। संगठन ने कहा कि यह कार्रवाई बिना किसी अदालत के आदेश के की जा रही है और सिर्फ राय जाहिर करने के आधार पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इसमें सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियां, निजी तौर पर जश्न मनाना या सरकार के आधिकारिक प्रचार को न दोहराना शामिल है। देश के बाहर से प्रकाशित होने वाले अखबार कॉन्फिडेंशियल के मुताबिक मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उपराष्ट्रपति रोसारियो मुरिलो के आदेश पर देश में अलर्ट की स्थिति लागू की गई थी। इसके तहत मोहल्लों और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। बांग्लादेश में भारतीय हाई कमिश्नर ने पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे से मुलाकात की भारत के बांग्लादेश में उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने शनिवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नए अध्यक्ष तारीक रहमान से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब एक दिन पहले ही BNP ने तारीक रहमान को औपचारिक रूप से पार्टी का अध्यक्ष चुना है। बांग्लादेश में आम चुनाव 12 फरवरी को होने हैं। BNP के मीडिया सेल के प्रवक्ता सायरुल कबीर खान ने बताया कि यह मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली और इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया। मौजूदा हालात में BNP बांग्लादेश की राजनीति में सबसे आगे मानी जा रही है। उसकी पूर्व सहयोगी जमात ए इस्लामी अब उसकी सबसे बड़ी विरोधी है। तारीक रहमान साल 2018 से BNP के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे। पार्टी की पॉलिसी मेकिंग कमेटि ने शुक्रवार रात उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी अध्यक्ष चुना। यह फैसला उनकी मां और BNP प्रमुख रह चुकीं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के 10 दिन बाद लिया गया। खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। इससे पहले शुक्रवार को पाकिस्तान के बांग्लादेश में उच्चायुक्त इमरान हैदर ने भी तारीक रहमान से मुलाकात की थी। यह मुलाकात उन्हें BNP अध्यक्ष बनाए जाने से कुछ घंटे पहले हुई। तारीक रहमान पिछले 17 साल से लंदन में थे और 25 दिसंबर को बांग्लादेश लौटे हैं। भारत में अफगानिस्तान के राजनयिक होंगे नूर अहमद नूर, तालिबान शासन में पहली बार नई नियुक्ति अफगानिस्तान ने नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास में नूर अहमद नूर को राजनयिक के रूप में नियुक्त किया है। ANI ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। नूर अहमद से पहले भारत में अफगानिस्तान के राजनयिक फरीद मामुंदजाय थे। वह अशरफ गनी की सरकार के समय भारत में अफगान दूत के रूप में काम कर रहे थे। तालिबान के सत्ता में आने के बाद उनकी स्थिति कमजोर हो गई और बाद में दूतावास की गतिविधियां भी काफी हद तक ठप पड़ गई थीं। उसी के बाद लंबे समय तक भारत में अफगानिस्तान की तरफ से कोई नया औपचारिक राजनयिक नहीं भेजा गया था। इसलिए नूर अहमद की नियुक्ति को भारत-अफगानिस्तान रिश्तों में एक नए चरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास में नूर अहमद को राजनयिक नियुक्त करने का मतलब यह है कि अफगानिस्तान भारत के साथ अपने कूटनीतिक संपर्कों को फिर से सक्रिय और मजबूत करना चाहता है। तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान और भारत के रिश्ते सीमित हो गए थे, लेकिन मानवीय मदद, दवाइयों, वीजा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बातचीत चलती रही। अब किसी नए राजनयिक की नियुक्ति यह संकेत देती है कि अफगानिस्तान चाहता है कि भारत के साथ संवाद सीधे दूतावास के जरिए नियमित रूप से चलती रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नूर अहमद नूर दूतावास की जिम्मेदारी संभालने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। इससे पहले वे अफगान विदेश मंत्रालय के फर्स्ट पॉलिटिकल डिपार्टमेंट के महानिदेशक रह चुके हैं। नूर अहमद उस डेलीगेशन का हिस्सा थे, जो अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मुत्ताकी के साथ अक्टूबर 2025 में भारत आया था। कट्टरपंथियों के डर से UAE ने ब्रिटेन यूनिवर्सिटीज की स्कॉलरशिप रोकी, मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन को आतंकवादी घोषित करने की मांग कर रहा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले अपने छात्रों के लिए सरकारी स्कॉलरशिप को काफी हद तक रोक दिया है। यह फैसला इस्लामिक कट्टरपंथ के डर से लिया गया है, खासकर मुस्लिम ब्रदरहुड नामक संगठन के प्रभाव के कारण। ब्रिटिश मीडिया जैसे 'द टाइम्स' और 'फाइनेंशियल टाइम्स' की रिपोर्ट्स के अनुसार, UAE को लगता है कि ब्रिटेन के कैंपस में पढ़ने वाले उनके युवा छात्र इस्लामिस्ट ग्रुप्स के निशाने पर हैं । UAE में मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकवादी संगठन माना जाता है। यह संगठन 1920 के दशक में मिस्र में शुरू हुआ था और 2011 के अरब स्प्रिंग आंदोलनों के बाद कई देशों में सरकारें गिराने में शामिल रहा। UAE ने इसे घरेलू तौर पर प्रतिबंधित कर दिया है और दुनिया भर में इसे आतंकवादी घोषित करने की मांग करता रहा है। मिस्र, सऊदी अरब, जॉर्डन, रूस जैसे कई देशों ने पहले ही इसे बैन कर रखा है। UAE के उच्च शिक्षा मंत्रालय ने जून 2025 में विदेशी विश्वविद्यालयों की एक नई सूची जारी की थी, जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और इजराइल के संस्थान शामिल थे, लेकिन ब्रिटेन के किसी भी विश्वविद्यालय का नाम नहीं था। सूत्रों के मुताबिक, यह कोई चूक नहीं थी, बल्कि जानबूझकर किया गया कदम है। एक सूत्र ने कहा, "UAE नहीं चाहता कि उनके बच्चे कैंपस में कट्टरपंथी बनें।" इस फैसले से UAE सरकार अब ब्रिटेन में पढ़ने के लिए ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, यात्रा और अन्य खर्चों की लक्ज़री छात्रवृत्ति नहीं देगी। हालांकि, यह पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। जो छात्र अपनी जेब से खर्च उठाना चाहते हैं, वे अभी भी ब्रिटेन में पढ़ सकते हैं। पहले से ब्रिटेन में पढ़ रहे छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति मिलती रहेगी। साथ ही, UAE ने कहा है कि ऐसी सूची में शामिल न होने वाले विश्वविद्यालयों की डिग्री को देश में मान्यता नहीं मिलेगी, जिससे वहां की डिग्री वाले छात्रों के लिए UAE में नौकरी या आगे पढ़ाई मुश्किल हो सकती है। इस कदम का असर पहले से दिख रहा है। सितंबर 2025 तक के साल में ब्रिटेन में पढ़ने के लिए UAE के छात्रों को सिर्फ 213 वीजा मिले, जो पिछले साल से 27 प्रतिशत और 2022 से 55 प्रतिशत कम है। इटली PM बोलीं- यूरोप को रूस से बातचीत शुरू करना चाहिए; रूस-यूक्रेन दोनों की बात सुनना जरूरी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शुक्रवार को कहा कि यूरोप को अब रूस के साथ बातचीत फिर से शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में यूरोप को दोनों पक्षों से बात करनी चाहिए, सिर्फ एक तरफ से बात करने से उसका योगदान सीमित रह जाएगा। मेलोनी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की बात से सहमति जताई। उन्होंने हाल ही में कहा था कि यूरोप को रूस के साथ जुड़ाव बढ़ाना चाहिए, जिससे यूक्रेन में चल रहे लगभग चार साल पुराने युद्ध को समाप्त करने में मदद मिल सके। मेलोनी ने कहा, "मुझे लगता है कि मैक्रों सही हैं। अब समय आ गया है कि यूरोप भी रूस से बात करे। अगर यूरोप सिर्फ एक पक्ष से बात करके इस बातचीत में हिस्सा लेगा, तो मुझे डर है कि हमारा योगदान बहुत कम रह जाएगा।" नवंबर से युद्ध खत्म करने की बातचीत तेज हो गई है, लेकिन रूस ने अभी तक कोई बड़ा समझौता करने की इच्छा नहीं दिखाई है। यूक्रेन ने अमेरिका के शुरुआती प्रस्ताव में बदलाव की मांग की है। मेलोनी ने सुझाव दिया कि यूरोपीय संघ को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे बात करने के लिए एक विशेष दूत नियुक्त करना चाहिए। अमेरिका ने नवंबर में प्रस्ताव दिया था कि रूस को फिर से ग्रुप ऑफ सेवन (G7) में शामिल किया जाए और पुराना G8 फॉर्मेट बहाल किया जाए। हालांकि, मेलोनी ने इसे जल्दबाजी बताया। उन्होंने कहा कि रूस को G7 में वापस लाने की बात करना अभी जल्दबाजी होगी। इसके अलावा, मेलोनी ने दोहराया कि इटली यूक्रेन में किसी शांति समझौते की गारंटी के लिए सैनिक नहीं भेजेगा। फ्रांस और ब्रिटेन ने पिछले महीने यूक्रेन में बहुराष्ट्रीय सेनाओं की तैनाती पर सहमति जताई है, लेकिन इटली इसमें शामिल नहीं होगा। ट्रम्प बोले- ग्रीनलैंड पर कब्जा करना हमारी मजबूरी: नहीं तो रूस-चीन यहां काबिज हो जाएंगे, हम अपने पड़ोस में इन देशों को नहीं चाहते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के लिए ग्रीनलैंड पर कब्जा करना क्यों जरूरी है। उन्होंने व्हाइट हाउस में तेल और गैस कंपनियों के बड़े अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक के दौरान कहा कि अगर अमेरिका ने ऐसा नहीं किया तो रूस और चीन जैसे देश इस पर काबिज हो जाएंगे। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड को हासिल करना जमीन खरीदने का मसला नहीं है, यह रूस और चीन को दूर रखने से जुड़ा है। हम ऐसे देशों को अपना पड़ोसी बनते देख नहीं सकते। पूरी खबर पढ़ें… रिपोर्ट- वेनेजुएला का तेल भारत को देगा अमेरिका :ट्रम्प दुनिया की बड़ी ऑयल कंपनियों के अफसरों से मिले; रिलायंस भी तेल खरीद सकती है अमेरिका, भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की इजाजत दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। इसका मतलब यह है कि अमेरिका के प्रतिबंधों की वजह से जो व्यापार रुका हुआ था, वह अब फिर से शुरू हो सकता है, लेकिन यह सब अमेरिका की निगरानी और शर्तों के साथ होगा। हालांकि इससे जुड़ी शर्तें क्या हैं, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस भी चाहती है कि अमेरिका उसे वेनेजुएला का तेल खरीदने की इजाजत दे दे। पूरी खबर पढ़ें… पाकिस्तानी रक्षा मंत्री बोले- अमेरिका नेतन्याहू को भी किडनैप करे: वेनेजुएला के राष्ट्रपति जैसा हाल हो, इजराइली PM फिलिस्तीनियों का सबसे बड़ा दुश्मन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को किडनैप करने की मांग की। एक टीवी इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अमेरिका को नेतन्याहू को उसी तरह पकड़ना चाहिए जैसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को पकड़ा गया था। उन्होंने आगे कहा कि तुर्किए भी नेतन्याहू को पकड़ सकता है और पाकिस्तानी इसके लिए दुआ कर रहे हैं। इंटरव्यू में उन्होंने नेतन्याहू को मानवता का सबसे बड़ा अपराधी करार दिया और दावा किया कि गाजा में फिलिस्तीनियों के साथ जो अत्याचार हुए हैं, वे इतिहास में कभी नहीं देखे गए। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका ने सीरिया में ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की, सैनिकों की मौत के बाद जवाबी कार्रवाई
    Next Article
    लव मैरिज न कराने पर मां की हत्या:इंग्लैंड से यमुनानगर आया बेटा, 6 दिन छुपा रहा; डंडे मार गला दबाया, हौद में फेंकी लाश

    Related International Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment