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अमेरिका के फ्लोरिडा में एक 43 साल की महिला को एक 16 साल के लड़के के साथ यौन संबंध बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह उस लड़के के परिवार को पहले से जानती थी। यह पूरा मामला पिछले महीने दिसंबर में शुरू हुआ था। जब लड़के की मां ने उसके मोबाइल पर कुछ वीडियो देखे, तब उन्होंने तुरंत महिला को पहचान लिया। पुलिस ने जांच की तो कई वीडियो मिले जिनमें महिला का चेहरा बिल्कुल साफ दिखाई दे रहा था। सबसे पुराना वीडियो 4 दिसंबर की रात का था। लड़के ने भी पुलिस को बताया कि वीडियो में वो खुद है। जब पुलिस ने मैरी इबारा से पूछताछ की तो उसने कुछ भी कबूल नहीं किया और आगे बात करने से मना कर दिया। मैरी इबारा को 5 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। उस पर नाबालिग के साथ गैरकानूनी यौन संबंध का केस चल रहा है। पोल्क काउंटी के शेरिफ ग्रेडी जड ने कहा कि यह बहुत बड़ा विश्वासघात है। यह महिला परिवार की परिचित थी, लेकिन उसने एक बच्चे के साथ गलत काम किया। उसे अच्छी तरह पता था कि यह गलत है फिर भी उसने ऐसा किया। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... सीरिया के अलेप्पो में सरकारी सेना और कुर्द लड़ाकों की लड़ाई जारी, अब तक 9 की मौत, 55 घायल सीरिया के अलेप्पो शहर में सरकारी सेना और कुर्द लड़ाकों की सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) की लड़ाई में अब तक 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 55 घायल हैं। सीरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी साना के मुताबिक, घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सरकारी पक्ष का आरोप है कि SDF ने रिहायशी इलाकों पर गोलाबारी की, जबकि SDF का कहना है कि वो हमलावर नहीं है और सरकारी समर्थित गुटों ने उनके इलाकों को निशाना बनाया है। इस हिंसा का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ा है। अलेप्पो के अशरफियेह और शेख मकसूद इलाकों से एक लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर चले गए हैं। लोकल प्रशासन का कहना है कि लगातार गोलाबारी और डर के माहौल के कारण लोग अपना सब कुछ छोड़कर पलायन को मजबूर हो रहे हैं। कई परिवार खुले मैदानों, स्कूलों और अस्थायी शिविरों में शरण ले रहे हैं। सीरिया की सरकारी मीडिया ने यह भी आरोप लगाया है कि SDF ने अलेप्पो यूनिवर्सिटी के छात्रावासों पर तोपों से हमला किया है। इन हमलों से छात्रों में दहशत फैल गई है और पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है। सीरिया की सरकार चाहती है कि पूरा देश एक ही सरकार और एक ही सेना का कंट्रोल रहे। वो नहीं चाहती की अलेप्पो जैसे बड़े और रणनीतिक शहर में किसी और कंट्रोल रहे। जबकि अलेप्पो के शेख मकसूद और अशरफियेह जैसे इलाकों पर SDF का कंट्रोल है। SDF का कहना है कि उसने यह इलाक आतंकी संगठन ISIS से लड़कर सुरक्षित किया है और वहां रहने वाले कुर्दों और अन्य समुदायों की सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी है। SDF नहीं चाहता कि उसकी ताकत पूरी तरह खत्म हो जाए या बिना किसी साफ समझौते के वह सरकारी सेना में शामिल कर दी जाए। रूस में केबल्स में उलझा हेलिकॉप्टर, दो लोगों की मौत रूस के पर्म क्राय इलाके में एक हेलिकॉप्टर के हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना आशातली-पार्क नाम के स्की और इंटरटेनमेंट क्षेत्र के पास हुई। हादसे में शामिल हेलिकॉप्टर रॉबिंसन R44 मॉडल का था, जो हल्के वजन का हेलिकॉप्टर होता है। हेलिकॉप्टर में सिर्फ दो ही लोग सवार थे और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में इल्यास गिमादुत्दीनोव शामिल थे, जो रूस के जाने-माने कारोबारी थे। वे ताट्रान्सकॉम नाम की लॉजिस्टिक्स कंपनी के मालिक और संस्थापक थे। यह कंपनी पर्म क्राय के साथ-साथ रूस के कई तेल और गैस उत्पादन वाले इलाकों में सामान ढोने का काम करती है। रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी का सालाना कारोबार अरबों रूबल का था। दूसरे मृतक एलमिर कोनाकॉव थे, जो इसी कंपनी में सीनियर पद पर काम कर रहे थे। उनकी जिम्मेदारी लंबी दूरी तक चलने वाले ट्रकों के देखरेख की थी। शुरुआती जांच और मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, हेलिकॉप्टर स्की ढलान के पास काफी नीचे उड़ रहा था। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रही केबलों से टकरा गया। माना जा रहा है कि ये केबल स्की रिसॉर्ट की लिफ्ट या वहां मौजूद किसी अन्य ढांचे का हिस्सा थीं। केबल से टकराने के बाद हेलिकॉप्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह कुछ ही पलों में नीचे गिर गया। A private helicopter has crashed in Russia with millionaire Ilyas Gimadutdinov on board.Gimadutdinov is the owner of Tattranskom, a company that provides transportation services to Gazprom and Rosneft, Russia's largest gas and oil companies. pic.twitter.com/yrJNBhxUA3— Visegrád 24 (@visegrad24) January 8, 2026 फ्री ट्रेड समझौते के विरोध में पेरिस पहुंचे फ्रांसीसी किसान, एफिल टॉवर के सामने ट्रैक्टर लेकर प्रदर्शन किया फ्रांस में गुरुवार को सैकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर राजधानी पेरिस की सड़कों पर उतर आए। ये किसान यूरोपीय यूनियन (EU) और दक्षिण अमेरिका के कुछ देशों के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील (FTA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, फ्रांस के किसान कई सालों से मर्कोसुर देशों के साथ होने वाले इस व्यापार समझौते का विरोध कर रहे हैं। मर्कोसुर में ब्राजील, अर्जेंटीना, बोलीविया, पैराग्वे और उरुग्वे शामिल हैं। किसानों का कहना है कि अगर यह समझौता लागू हुआ, तो इससे फ्रांस के किसानों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा। रूरल कोऑर्डिनेशन यूनियन के बैनर तले गुरुवार तड़के ही किसान अपने ट्रैक्टर लेकर पेरिस पहुंचे। कई ट्रैक्टर शहर की सड़कों से होते हुए आगे बढ़े। कुछ किसानों ने एफिल टॉवर औक आर्क द त्रायम्फ के आसपास प्रदर्शन किया। एक ट्रैक्टर पर लिखा था- No To Mercosur यानी मर्कोसुर समझौते को ना। दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के लॉट-ए-गारोन क्षेत्र में रूरल कोऑर्डिनेशन के अध्यक्ष जोसे पेरेज ने कहा कि इस प्रदर्शन का मकसद हंगामा करना नहीं है, बल्कि पेरिस आकर उन लोगों तक अपनी बात पहुंचाना है जिनके हाथ में फैसले लेने की ताकत है। उन्होंने कहा कि किसान चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से सुने। फ्रांसीसी समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, अगर यह समझौता लागू होता है तो यह दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार क्षेत्रों में से एक बन सकता है। इससे EU को लैटिन अमेरिका में कारें, मशीनें, शराब और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट बेचने में फायदा होगा। हालांकि फ्रांस के किसान इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि इस समझौते के बाद ब्राजील जैसे बड़े कृषि देश से सस्ते कृषि उत्पाद यूरोप में आएंगे, जिससे फ्रांसीसी किसानों को भारी नुकसान होगा और वे बाजार में टिक नहीं पाएंगे। वेनेजुएला में ट्रम्प की सैन्य कार्रवाई पर रोक लगाने की तैयारी, अमेरिकी सीनेट में प्रस्ताव पर वोटिंग होगी अमेरिकी सीनेट में एक प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, जिसके तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को वेनेजुएला के खिलाफ कांग्रेस की मंजूरी के बिना आगे किसी भी सैन्य कार्रवाई से रोकने की कोशिश की जा रही है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब अमेरिकी संसद के कुछ सदस्य यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या ट्रम्प प्रशासन ने कांग्रेस को पूरी और सही जानकारी दिए बिना सैन्य कदम उठाए। कई सांसदों का आरोप है कि सरकार ने वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई के असली हालात और फैसलों को लेकर संसद को गुमराह किया। इस प्रस्ताव के को-राइटर और रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने कहा कि उनकी पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर बेचैनी बढ़ रही है। उनके मुताबिक, उन्होंने दो ऐसे रिपब्लिकन सांसदों से बात की है, जिन्होंने पहले इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया था, लेकिन अब वे इस पर दोबारा सोच रहे हैं। रैंड पॉल ने साफ कहा कि वे यह नहीं कह सकते कि ये सांसद किस तरफ वोट करेंगे, लेकिन इतना तय है कि अब वे खुलकर सवाल उठा रहे हैं और अपनी नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को अमेरिकी सीनेट इस प्रस्ताव पर वोटिंग करेगी। अमेरिका में फ्यूनरल के दौरान चर्च की पार्किंग में गोलीबारी, 2 की मौत 8 घायल अमेरिका के यूटा राज्य की राजधानी साल्ट लेक सिटी में एक चर्च के बाहर हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। यह घटना एक अंतिम संस्कार (फ्यूनरल) के दौरान हुई। पुलिस के मुताबिक, चर्च की पार्किंग में कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद अचानक गोलियां चलने लगीं। उस समय चर्च के अंदर अंतिम संस्कार की प्रार्थना चल रही थी। इस गोलीबारी में कम से कम 8 लोग घायल हुए हैं। इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर है। बाकी घायलों की स्थिति के बारे में अभी जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए खर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है और अंतिम संस्कार में शामिल लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि यह हमला किसी धर्म को निशाना बनाकर नहीं किया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमें नहीं लगता कि यह किसी धार्मिक स्थल या धर्म के खिलाफ किया गया हमला है। ट्रम्प की धमकी के बाद ईरान के आर्मी चीफ ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी; बोले- दुश्मनों को जवाब देंगे ईरान के सेना कमांडर मेजर जनरल अमीर हातमी ने विदेशी धमकियों के जवाब में सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि अगर ईरान की सेनाएं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा करेंगी या उन्हें मारेंगी, तो अमेरिका हस्तक्षेप करने के लिए तैयार है। हातमी ने सैन्य अकादमी के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ इस तरह की बढ़ती बयानबाजी को बिना जवाब नहीं छोड़ा जाएगा। फॉक्स न्यूज के अनुसार उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं अब पहले की तुलना में ज्यादा तैयार हैं। अगर कोई दुश्मन गलती करेगा, तो उसका ज्यादा निर्णायक जवाब दिया जाएगा। दरअसल, ईरान में आर्थिक संकट, महंगाई और सरकारी नीतियों के खिलाफ एक सप्ताह से ज्यादा समय से प्रदर्शन चल रहे हैं और देश के कई हिस्सों में फैल चुके हैं। सरकार ने कुछ आर्थिक राहत जैसे नई सब्सिडी की घोषणा की है, लेकिन प्रदर्शन थम नहीं रहे हैं। ईरान इन प्रदर्शनों को आंतरिक मामला मानता है और विदेशी हस्तक्षेप को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता रहा है। इसके अलावा, ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावानी ने यूएन महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ट्रम्प की टिप्पणियों को गैरकानूनी बताते हुए इसकी निंदा करने की मांग की है। वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हस्तक्षेप पूरे क्षेत्र में अराजकता पैदा करेगा और अमेरिकी हितों को नष्ट कर देगा। अमेरिकी अधिकारी ने कार सवार महिला को गोली मारी, मौत:वीडियो वायरल, ट्रम्प बोले- यह डरावना, लेकिन अधिकारी का बचाव किया; इलाके में प्रदर्शन शुरू अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में बुधवार को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक एजेंट ने कार सवार महिला को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। महिला की पहचान रेनी गुड (37) के तौर पर हुई है। वह तीन बच्चों की मां थीं। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के मुताबिक महिला ने अधिकारियों को कार से टक्कर मारने की कोशिश की थी, जिसके बाद एजेंट ने कार्रवाई की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ICE एजेंट का बचाव किया है। उन्होंने दावा किया कि महिला ने जानबूझकर अधिकारी को निशाना बनाया। शूटिंग के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रम्प ने कहा, " वीडियो बेहद डरावना है।” पूरी खबर पढ़ें… रूस के खिलाफ नए प्रतिबंध बिल को ट्रम्प की मंजूरी: भारत जैसे देशों पर 500% टैरिफ का खतरा; अगले हफ्ते संसद में वोटिंग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों से जुड़े एक बिल को मंजूरी दे दी है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इस बिल में रूस से तेल खरीदने वाले देशों खासकर भारत, चीन और ब्राजील पर 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया कि बुधवार को व्हाइट हाउस में उनकी ट्रम्प से मुलाकात हुई, जिसमें राष्ट्रपति ने बिल को हरी झंडी दे दी। यह बिल पिछले कई महीनों से तैयार किया जा रहा था। इसे अगले हफ्ते संसद में वोटिंग के लिए लाया जा सकता है। इस बिल का नाम 'सेंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025' है। इसका मकसद उन देशों पर दबाव बनाना है, जो यूक्रेन युद्ध के बीच रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीद रहे हैं। अमेरिका का आरोप है कि इससे रूस को युद्ध लड़ने में मदद मिल रही है। पूरी खबर पढ़ें… भारत के सत्य साईं वेनेजुएला में घर-घर मशहूर कैसे हुए: राष्ट्रपति मादुरो भी भक्त थे, बाबा के निधन पर देश में राजकीय शोक था वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी सत्य साई बाबा के साथ एक तस्वीरें वायरल है। 2005 की इस तस्वीर में मादुरो अपनी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ सत्य साईं बाबा के सामने जमीन पर बैठे हुए हैं। मादुरो का जन्म एक कैथोलिक परिवार में हुआ था और वेनेजुएला भी ईसाई बहुल देश है, लेकिन इसके बावजूद वे सत्य साईं बाबा के भक्त माने जाते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर वेनेजुएला की वर्तमान उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का भी वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वो बाबा के आश्रम में दर्शन करती नजर आ रही हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि ईसाई बहुल वेनेजुएला के कई हाई प्रोफाइल और ताकतवर लोग सत्य साई बाबा के भक्त कैसे बने। पूरी खबर पढ़ें…