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    कनाडा में सबसे बड़ी गोल्ड चोरी का 8वां आरोपी गिरफ्तार:2 साल पहले 180 करोड़ का सोना चुराया; दावा- एक आरोपी भारत में

    4 days ago

    कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी के मामले में पुलिस ने 8वें आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अर्सलान चौधरी को पकड़ा। वह दुबई से उड़ान भरकर टोरंटो पहुंचा था। पुलिस ने बताया कि 2023 में टोरंटो एयरपोर्ट से 180 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत का सोना चोरी हुआ था। इस मामले में एक अन्य आरोपी के भारत में होने का भी दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक, अरसलान चौधरी पर 5 हजार डॉलर से अधिक की चोरी, अपराध से हासिल संपत्ति रखने और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'प्रोजेक्ट 24K’ नाम से चल रही जांच का अहम हिस्सा है। चोरी में शामिल सिमरनप्रीत के भारत में होने का दावा जांच में सामने आया कि ब्रैम्पटन निवासी 33 वर्षीय सिमरनप्रीत पनेसर ने इस चोरी में अहम भूमिका निभाई। पनेसर एयर कनाडा का पूर्व कर्मचारी है और उस पर एयरलाइन सिस्टम से छेड़छाड़ कर कार्गो को डायवर्ट करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि वह फिलहाल भारत में हो सकता है और उसके खिलाफ कनाडा में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। अब तक 10 लोगों पर कार्रवाई पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक 10 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। इनमें ब्रैम्पटन निवासी आर्चित ग्रोवर, परम्पाल सिद्धू, अमित जलोटा, प्रसाथ परमलिंगम, अली रजा, अम्मद चौधरी और डुरांटे किंग-मैकलीन शामिल हैं। किंग-मैकलीन फिलहाल अमेरिका में हथियार तस्करी के एक अन्य मामले में हिरासत में है। पील रीजनल पुलिस प्रमुख निशान दुरईअप्पाह ने कहा कि यह जांच दिखाती है कि पुलिस जटिल और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने में सक्षम है। उन्होंने कहा, “चाहे आरोपी कहीं भी छिपे हों, हम उन्हें ढूंढ निकालेंगे और कानून के सामने लाएंगे।” कैसे हुई कनाडा की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी 17 अप्रैल 2023 को कनाडा में दोपहर 3 बजकर 56 मिनट पर स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर से आ रही एक फ्लाइट कनाडा के टोरंटो शहर के पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लैंड हुई। इस फ्लाइट से शुद्ध सोने की 6,600 ईंटें और लगभग 2.5 मिलियन डॉलर (21 करोड़ रुपए से ज्यादा) की फॉरेन करेंसी लाई गई। सोने का कुल वजन करीब 400 किलो था, जिसकी कीमत 173 करोड़ रुपए थी। कैश को वेंकुवर के 'बुलियन एंड करेंसी एक्सचेंज' और सोने को टोरंटो के TD बैंक में जमा किया जाना था। सोने और कैश को एयरपोर्ट के कार्गो कंपाउंड में रखा गया। कनाडा पुलिस के मुताबिक, वारदात के दिन 5 बजकर 50 मिनट तक सोने वाला कंटेनर कार्गो फैसिलिटी में ही था। शाम 6 बजकर 23 मिनट पर एक 5 टन का बड़ा ट्रक फैसिलिटी के बाहर पार्क किया गया। इस ट्रक से एक फर्जी एयरवे बिल के साथ एक शख्स वेयरहाउस में दाखिल हुआ। सीसीटीवी में कैद हुए इस शख्स के हाथ में ये बिल देखा जा सकता है। ये बिल असल में सीफूड यानी समुद्री मछलियों की डिलीवरी के लिए था। जिन्हें एक दिन पहले ही कार्गो वेयरहाउस से ले जाया जा चुका था। कनाडा पुलिस के मुताबिक, असल में एयरपोर्ट के अंदर के एक आदमी ने प्रिंटर से पुराना बिल निकालकर इसे दूसरे बिल से बदल दिया था। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, शाम 7 बजकर 4 मिनट पर ट्रक का ड्राइवर वेयरहाउस में उस सोने वाले कार्गो के पास पहुंचा। 7 बजकर 27 मिनट पर कार्गो को उठाकर ट्रक में लोड किया गया और अगले 3 मिनट में ट्रक वेयरहाउस से चला गया। करीब साढ़े 9 बजे जब एक सिक्योरिटी कंपनी का असली ट्रक सोने वाला कार्गो लेने एयरपोर्ट पहुंचा, तो पता चला कि सोना तो पहले ही गायब हो चुका है। सुबह 2 बजकर 23 मिनट पर एयर कनाडा ने कनाडा पुलिस को फोन करके वारदात की सूचना दी। क्लेटेन कास्टलिनो टोरंटो में कस्टम्स क्लियरेंस बिजनेस के प्रेसिडेंट हैं। उन्होंने सीबीसी न्यूज से बातचीत में बताया कि कार्गो फैसिलिटी से कोई कार्गो ले जाने के लिए सिर्फ 2 चीजों की जरूरत होती है- कार्गो भेजने वाले की तरफ से एक लेटर और एक एयरवे बिल। इस बिल पर सही बिल नंबर होना चाहिए। चोरों के पास दोनों दस्तावेज थे। क्लेटेन के मुताबिक इनकी ठीक से जांच नहीं की गई।
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