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    RBSE 10वीं रिजल्ट जारी, डूंगरपुर का परिणाम 95.75% — बेटियों ने फिर मारी बाजी, ईश्वर पाटीदार ने हासिल किए 99.50% अंक

    5 hours ago

     डूंगरपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2026 का दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम मंगलवार को दोपहर 1 बजे जारी कर दिया। डूंगरपुर जिले का रिजल्ट इस बार 95.75 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 95.73 प्रतिशत के लगभग बराबर है।

    जिले के रामगढ़ एक्सीलेंट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र ईश्वर पाटीदार ने 99.50 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनके पिता गोकुलराम पाटीदार एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं, जबकि माता मोगी देवी गृहिणी हैं। ईश्वर ने बताया कि वह आगे चलकर आईएएस अधिकारी बनना चाहता है।

    इस बार जिले में 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए 24,916 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड थे, जिनमें से 24,121 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 23,096 छात्र-छात्राएं पास हुए।

    13,769 विद्यार्थी फर्स्ट डिवीजन

    8,198 विद्यार्थी सेकंड डिवीजन

    1,129 विद्यार्थी थर्ड डिवीजन से पास हुए

    जिले का कुल परिणाम 95.75 प्रतिशत रहा।

    बेटियों ने फिर मारी बाजी

    इस बार भी बेटियों का परिणाम बेटों से बेहतर रहा। जिले में 12,180 बेटियां परीक्षा में बैठी, जिनमें से 11,727 पास हुई।

    7,451 फर्स्ट डिवीजन

    3,831 सेकंड डिवीजन

    445 थर्ड डिवीजन

    बेटियों का रिजल्ट 96.28% रहा, जबकि बेटों का रिजल्ट 95.21% रहा।

    11,941 लड़कों ने परीक्षा दी थी, जिनमें

    6,318 फर्स्ट डिवीजन

    4,367 सेकंड डिवीजन

    684 थर्ड डिवीजन पास हुए।

    2027 से साल में दो बार होगी 10वीं बोर्ड परीक्षा

    राजस्थान बोर्ड के नए सिस्टम के अनुसार वर्ष 2027 से 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। पहला एग्जाम फरवरी और दूसरा मई महीने में होगा। दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी और परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

    पहले एग्जाम में शामिल होने वाले छात्र दूसरे चरण में अधिकतम 3 विषयों में अंक सुधार के लिए परीक्षा दे सकेंगे। जो विद्यार्थी पहला चरण नहीं दे पाए, वे मेडिकल सर्टिफिकेट या जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति से दूसरे चरण में परीक्षा दे सकेंगे।

    बोर्ड द्वारा Best of Two Attempt फॉर्मूला लागू किया जाएगा, जिसमें दोनों परीक्षाओं में से बेहतर अंक को अंतिम परिणाम में जोड़ा जाएगा।

    डूंगरपुर जिले का 95.75 प्रतिशत रिजल्ट यह दिखाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार हो रहा है। खास बात यह है कि इस बार भी बेटियों ने बेटों से बेहतर प्रदर्शन किया, जो समाज में बढ़ती जागरूकता और शिक्षा के प्रति बदलती सोच का संकेत है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र होने के बावजूद इतने अच्छे परिणाम आना जिले के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत को दर्शाता है।

    राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 2027 से साल में दो बार बोर्ड परीक्षा कराने का फैसला भी छात्रों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। इससे छात्रों को अपने अंक सुधारने का मौका मिलेगा और एक ही परीक्षा पर दबाव कम होगा। हालांकि, नए सिस्टम को सफल बनाने के लिए स्कूलों में पढ़ाई का स्तर और तैयारी दोनों मजबूत रखना जरूरी होगा।

    कुल मिलाकर इस बार का परिणाम जिले के लिए संतोषजनक रहा है, लेकिन आगे लक्ष्य 100 प्रतिशत परिणाम और ज्यादा मेरिट लाने का होना चाहिए।

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