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    भगवान शिव के बाद हनुमानजी की गगनचुंबी मूर्ति:रामनवमी पर होगा बजरंगबली की 131 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण

    10 hours ago

    नाथद्वारा में रामनवमी के पावन अवसर पर 26 मार्च, गुरुवार को आस्था और श्रद्धा का एक नया प्रतीक स्थापित होने जा रहा है। गिरिराज पर्वत शिखर पर निर्मित 131 फीट ऊंची श्रीजी के हनुमानजी की विशाल प्रतिमा का सुबह लोकार्पण किया जाएगा। समारोह में श्रीनाथजी मंदिर के गोस्वामी तिलकायत इंद्रदमन महाराज और श्रीमद् राजचंद्र मिशन धरमपुर के संस्थापक गुरुदेव राकेश मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ मंगलाचरण, दीप प्रज्ज्वलन, कलश स्थापना और वेद मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद विधिवत प्रतिमा का अनावरण कर आरती और स्तुति की जाएगी। गिरिराज पर्वत पर करीब 500 फीट की ऊंचाई पर स्थापित यह 131 फीट ऊंची प्रतिमा दूर-दूर से दिखाई देगी और ‘विश्वास स्वरूपम’ के बाद नाथद्वारा की दूसरी सबसे ऊंची प्रतिमा बनेगी। करीब तीन साल में तैयार हुई इस प्रतिमा के निर्माण में 115 टन स्टील और 40 टन फाइबर ग्लास का उपयोग किया गया है, जबकि इसका आधार एम-30 ग्रेड आरसीसी से मजबूत बनाया गया है। पूरी संरचना को यूवी प्रतिरोधी फाइबर ग्लास से सुरक्षित किया गया है और कुल वजन लगभग 150 टन है। प्रतिमा निर्माण से जुड़े गिरीश रतिलाल शाह के अनुसार, इसका उद्देश्य भावी पीढ़ियों को भक्ति, शौर्य और सेवा का संदेश देना है। ‘विश्वास स्वरूपम’ के मूर्तिकार नरेश कुमावत ने ही इस भव्य प्रतिमा को आकार दिया है। उनकी टीम में प्रोफेसर दिनकर पसला, स्ट्रक्चरल इंजीनियर शरद गुप्ता, वास्तुकार शिरीष सनाढ्य, इंजीनियर राजदीप सिंह और पुरोहित डॉ. परेश पंड्या शामिल रहे। मूर्तिकार नरेश कुमावत ने देश व विदेश में करीब 500 से ज्यादा बड़ी प्रतिमा बना चुके हैं इसके पहले उन्होंने यहां पर विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा विश्वास स्वरूपम का निर्माण किया था । आस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा 131 फीट ऊंची यह खड़ी बालाजी प्रतिमा गिरिराज पर्वत शिखर पर स्थापित होने के कारण दूर-दूर से दिखाई देगी। यह प्रतिमा क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनने के साथ ही नाथद्वारा में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगी। रामनवमी पर होने वाला यह आयोजन नाथद्वारा को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा।
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