SEARCH

    Select News Languages

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    vagadlive
    vagadlive

    ट्रम्प बोले- ग्रीनलैंड पर कब्जे से कम कुछ मंजूर नहीं:NATO टूटने के खतरे पर कहा- हमारे बिना वह कुछ भी नहीं

    3 days ago

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर कहा है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्जा होना जरूरी है और इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है। उन्होंने बुधवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा- अमेरिका को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है। ट्रम्प ने लिखा कि इस मामले में NATO को अमेरिका का साथ देना चाहिए। अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कंट्रोल नहीं किया, तो रूस या चीन वहां अपना असर बढ़ा सकते हैं, जो किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ट्रम्प ने कहा कि अगर ग्रीनलैंड, अमेरिका के हाथ में होता है तो NATO कहीं ज्यादा मजबूत और प्रभावशाली बन जाएगा। NATO टूटने के खतरे पर ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका की बड़ी सैन्य ताकत के बिना यह संगठन कुछ भी नहीं है। दरअसल डेनमार्क की पीएम ने कुछ दिन पहले कहा था कि अमेरिका ने जबरदस्ती ग्रीनलैंड पर कब्जा किया तो NATO टूट सकता है। ग्रीनलैंड बोला- अमेरिका नहीं डेनमार्क को चुनेंगे ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने कहा है कि अगर ग्रीनलैंड को अमेरिका और डेनमार्क में से किसी एक को चुनना पड़े, तो वह डेनमार्क को चुनेगा। उन्होंने यह बयान ऐसे वक्त पर दिया जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं। नीलसन ने 13 जनवरी को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। उनका बयान अमेरिका की संसद में ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में लेने से जुड़े बिल के पेश होने के बाद पहला आधिकारिक बयान है। नीलसन के बयान पर ट्रम्प ने कहा कि मैं उन्हें नहीं जानता और इस बात पर उनसे सहमत नहीं हूं।। ये प्रधानमंत्री के लिए बड़ी समस्या बन सकता है। अमेरिकी संसद में 12 जनवरी को ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ नाम का बिल पेश किया गया था। इसका मकसद ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करना और बाद में उसे अमेरिका का राज्य बनाना है। अगर यह बिल पास होता है, तो ग्रीनलैंड अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है। ग्रीनलैंड के PM ने कहा - NATO को हमारी रक्षा करनी चाहिए नीलसन ने कहा कि डेनिश कॉमनवेल्थ का हिस्सा होने के नाते ग्रीनलैंड NATO का सदस्य है और इसलिए ग्रीनलैंड की रक्षा नाटो को ही करनी चाहिए। वहीं डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने कहा कि अपने सबसे करीबी सहयोगी से मिल रहे इस तरह के प्रेशर का सामना करना आसान नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि हमें कई संकेत मिल रहे हैं कि ग्रीनलैंड के लिहाज से सबसे मुश्किल दौर आने वाला है। डेनमार्क की PM ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर ग्रीनलैंड पर हमला किया गया, तो इससे ‘ट्रांस-अटलांटिक डिफेंस एग्रीमेंट’ (NATO) का अंत हो सकता है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीनलैंड पिछले 300 सालों से डेनमार्क का हिस्सा है और डेनमार्क NATO का सदस्य है, इसलिए अगर अमेरिका वहां सैन्य कार्रवाई करता है तो यह NATO और अमेरिका-यूरोप के बीच हुए रक्षा समझौते को तोड़ने जैसा होगा। ट्रम्प ने पहले भी कहा था ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जा जरूरी बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने पहले भी कहा था कि रूस और चीन से सुरक्षा के लिए अमेरिका के पास ग्रीनलैंड का होना जरूरी है। ट्रम्प ने संकेत दिया है कि वह ग्रीनलैंड को खरीदने की संभावना के बारे में सोच रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सैन्य कार्रवाई की बात को भी पूरी तरह नहीं नकारा है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि दुनिया के सबसे कम आबादी वाले इलाकों में शामिल होने के बावजूद, ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति नॉर्थ अमेरिका और आर्कटिक के बीच होने की वजह से बेहद जरूरी है। ग्रीनलैंड मिसाइल हमले की स्थिति में अर्ली वॉर्निंग सिस्टम लगाने और इलाके में आने-जाने वाले जहाजों पर नजर रखने के लिए काम आ सकता है। ट्रम्प ने अपने बयान में ये दावा भी किया था कि ग्रीनलैंड चारों तरफ से रूसी और चीनी जहाजों से घिरा हुआ है। यदि अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं किया, तो रूस और चीन कर लेंगे। फिलहाल अमेरिका ने ग्रीनलैंड के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मौजूद पिटुफिक बेस पर 100 से ज्यादा सैनिक तैनात किए हुए हैं। यह इलाका द्वितीय विश्व युद्ध के समय से ही अमेरिका के पास है। ट्रम्प ग्रीनलैंड के लोगों को अमेरिका में शामिल होने के पैसे देंगे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 12 जनवरी को अमेरिकी संसद में पेश हुए ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ का समर्थन किया है। उन्होंने ये भी कहा अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है और वे इस दिशा में कदम उठा रहे हैं, चाहे दूसरे देश इसे पसंद करें या नहीं। हालांकि, यह बिल अभी सिर्फ पेश हुआ है इसे हाउस और सीनेट दोनों में पास होना है। कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बहुत मुश्किल से पास होगा, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। ट्रम्प प्रशासन ने ग्रीनलैंड के लोगों को अमेरिका में शामिल होने के लिए पैसे देने जैसे तरीकों पर भी चर्चा की है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों ने ट्रम्प के इस तरीके की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे अपमानजनक बताया है। ग्रीनलैंड पर हमले का प्लान बना रहे ट्रम्प इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए प्लान बनाने का निर्देश दिया था। डेली मेल के मुताबिक ट्रम्प ने जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) को यह जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि सैन्य अधिकारी इस विचार से सहमत नहीं दिख रहे हैं। वे इसे कानूनी रूप से गलत मानते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रम्प की यह रुचि घरेलू राजनीति से भी जुड़ी हो सकती है। इस साल के अंत में मिड-टर्म चुनाव होने वाले हैं और रिपब्लिकन ससंद पर कंट्रोल खोने से डर रहे हैं। इसलिए ट्रम्प कोई बड़ा कदम उठाकर लोगों का अर्थव्यवस्था की समस्याओं से ध्यान हटाना चाहते हैं। ग्रीनलैंड-डेनमार्क के विदेश मंत्रियों से मिलेंगे अमेरिकी उप-राष्ट्रपति बीबीसी के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो 14 जनवरी को व्हाइट हाउस में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ एक बैठक करेंगे। इसके अलावा डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स रासमुसेन और ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्जफेल्ट ने 13 जनवरी को कहा कि वे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ मीटिंग करेंगे। डेनमार्क के विदेश मंत्री रासमुसेन ने कहा कि हम ये बैठक इसलिए करेंगे, ताकि हम एक-दूसरे की आंखों में आंखें डालकर इन मुद्दों पर खुलकर बात कर सकें। ‘ग्रीनलैंड के ज्यादातर लोग अमेरिकी नागरिक नहीं बनना चाहते’ अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक डेनमार्क की संसद में ग्रीनलैंड का प्रतिनिधित्व करने वाली नेता आजा केम्निट्ज ने से कहा कि 56,000 की आबादी वाले ग्रीनलैंड के ज्यादातर लोग अमेरिकी नागरिक बनना नहीं चाहते। केम्निट्ज़ ने कहा कि ग्रीनलैंड बिकने के लिए तैयार नहीं है और न ही कभी होगा। कुछ लोगों को लगता है कि वे ग्रीनलैंड को खरीद सकते हैं। लेकिन ग्रीनलैंड हमारी पहचान है, हमारी भाषा है, हमारी संस्कृति है। अगर हम अमेरिकी नागरिक बने, तो ये सब पूरी तरह बदल जाएगा और ग्रीनलैंड के ज्यादातर लोग ऐसा नहीं चाहते। ------------------------------------------------ ग्रीनलैंड से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... अमेरिका में ग्रीनलैंड पर कब्जे का बिल पेश:51वां राज्य बनाने का अधिकार मिलेगा, 300 सालों से यह डेनमार्क का हिस्सा अमेरिकी सांसद रैंडी फाइन ने सोमवार को ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ नाम से एक बिल पेश किया है। इस बिल का मकसद अमेरिकी सरकार को ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में लेने और बाद में इसे अमेरिका का राज्य बनाने के लिए कानूनी अधिकार देना है। सांसद रैंडी फाइन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस बिल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कदम रूस-चीन के प्रभाव को रोकने के लिए बहुत जरूरी है। इसके बाद संसद को राज्य बनने के लिए जरूरी सुधारों की पूरी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। पढ़ें पूरी खबर...
    Click here to Read more
    Prev Article
    थाइलैंड में पैसेंजर ट्रेन पर क्रेन गिरी, 32 की मौत:67 घायल, ज्यादातर स्कूली छात्र; 65 फीट ऊंचाई से मलबा गिरा, डिब्बे पटरी से उतरे
    Next Article
    लश्कर के आतंकी की हिंदुओं का गला काटने की धमकी:वायरल वीडियो में कहा- कश्मीर को आजादी भीख मांगने से नहीं, जिहाद से मिलेगी

    Related International Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment