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    Halwa Ceremony के बाद क्यों कर्मचारी किए जाते हैं लॉक? बजट 2026-27 से पहले जानें इससे जुड़े कुछ दिलचस्प सवालों के मजेदार जवाब

    19 hours ago

    Budget 2026: केन्द्रीय वित्त मंत्री हर साल संसद में केंद्रीय बजट पेश करते हैं, जिसमें आगामी वित्त वर्ष के लिए सरकार की आय और व्यय का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया जाता है. सरल शब्दों में कहा जाए तो बजट यह बताता है कि सरकार अगले वित्त वर्ष में पैसा कैसे कमाएगी और किन-किन मदों में उसका खर्च किया जाएगा. इसके साथ ही बजट में करों की संरचना तय की जाती है, जिससे आम जनता, उद्योग और व्यापार जगत सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं.

    वित्त मंत्रालय इस बजट को तैयार करने से पहले अन्य मंत्रालयों, उद्योग संगठनों, कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न हितधारकों से विचार-विमर्श करता है. संवैधानिक रूप से बजट का प्रावधान अनुच्छेद 112 के तहत किया गया है, जिसे वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement) कहा जाता है. इसमें केंद्र सरकार के एक वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित आय और व्यय का पूरा विवरण होता है, साथ ही यह भी बताया जाता है कि प्रत्येक मंत्रालय को कितना बजट आवंटित किया गया है, अब तक कितना खर्च हो चुका है और शेष अवधि के लिए कितनी अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है.

    इस साल बजट से काफी उम्मीदें? 

    वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट में सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई अहम कदम उठा सकती है. इसमें बुनियादी ढांचे के विकास को तेज करने के उद्देश्य से पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) पर विशेष जोर दिए जाने की संभावना है. इसके अलावा रोजगार सृजन, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा, एमएसएमई के लिए राहत, हरित ऊर्जा और डिजिटल इकोनॉमी को मजबूत करने से जुड़े उपाय भी बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो सकते हैं. आइए आज हम आपको बजट से जुड़े कुछ दिलचस्प सवालों और उनके जवाब के बारे में बताते हैं, जिनके बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे. 

    'बजट' शब्द कहां से आया? 

    'Budget' शब्द फ्रांसीसी भाषा के 'बॉजेट' शब्द से आया है, जिसका मतलब लेदर का एक छोटा सा थैला या ब्रीफकेस होता है, जिसका इस्तेमाल पहले आमतौर फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स रखने के लिए किया जाता है. यही वजह है कि पहले बजट पेश करने के लिए लेदर का बैग लेकर ही आया जाता था. 

    1 फरवरी को ही क्यों हर बार बजट पेश किया जाता है? 

    केंद्रीय बजट हर साल 1 फरवरी को पेश किया जाता है ताकि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष से पहले अगर प्रस्तावित कानून या बदलाव को लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिले. इसकी एक और वजह पूरे सालभर के लिए वित्तीय योजना, आर्थिक रणनीतियों को बनाने और उन्हें पूरा करने के लिए सरकार को भी पर्याप्त समय देना है. 

    बजट से पहले हलवा समारोह क्या है?

    केंद्रीय बजट पेश करने से पहले एक परंपरा लंबे समय से निभाई जाती रही है और वह है 'हलवा समारोह.' इस रस्म के तहत, आमतौर पर वित्त मंत्री एक बड़ी सी कड़ाही में हलवा बनाते हैं, जिसे बाद में वित्त मंत्रालय के सभी कर्मचारियों में बांट दिया जाता है. यह बजट की तैयारियां शुरू होने का एक प्रमुख संकेत भी है, जिसके बाद बजट पेश होने से कुछ समय पहले तक 100 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं, जहां बजट प्रिंटिंग का काम चलता है. इस दौरान ये कर्मचारी बाहरी दुनिया से पूरी तरह से कटे रहते हैं. 

     

     

     

     

     

     

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